Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका सिमरन गुप्ता नाम की एक महिला ने दायर की थी। इसमें मांग की गई थी कि राहुल गांधी के एक कथित बयान को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाए।
इस मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने की, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील और राज्य सरकार के वकील दोनों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद कोर्ट ने 8 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।
यह मामला वर्ष 2025 के एक कथित बयान से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि “हम भाजपा, आरएसएस और भारत सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।” याचिकाकर्ता का कहना था कि इस बयान से देशभर में लोगों की भावनाएं आहत हुईं और यह टिप्पणी देशद्रोह जैसी है, जो देश की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। इसी आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।
इससे पहले संभल की एक अदालत ने भी इसी तरह की मांग को खारिज कर दिया था। उसी आदेश को चुनौती देते हुए यह याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। लेकिन अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का कोई आधार नहीं बनता है, और इसी कारण याचिका को खारिज कर दिया गया है। इस फैसले के बाद राहुल गांधी को कानूनी राहत मिली है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग फिलहाल खत्म हो गई है।
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