Johar Live Desk : उत्तर भारत में कोहरे के मौसम की शुरुआत के साथ ही एयर इंडिया ने अपने फ्लाइट ऑपरेशन को सुचारू रखने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े उपाय शुरू किए हैं। एयरलाइन ने कहा कि क्रू, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, एयरपोर्ट ऑपरेशन, शेड्यूलिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम में बेहतर कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित किया गया है। इसका लक्ष्य दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक चलने वाले फॉग सीजन में सेवाओं को स्थिर बनाए रखना है।
क्रू और पायलट की तैयारी :
एयर इंडिया ने पायलटों को लो विजिबिलिटी ऑपरेशन (CAT III B) के लिए पूरी तरह तैयार किया है। पायलटों की ट्रेनिंग लगातार चलती रहती है ताकि वे घने कोहरे में भी सुरक्षित उड़ान भर सकें। एक्स्ट्रा स्टैंडबाय क्रू भी उपलब्ध होंगे, जिससे आखिरी समय में फ्लाइट रद्द या देरी की संभावना कम हो।
एयरक्राफ्ट की तैयारी :
स्ट्रेटेजिक हाई-रिस्क एयरपोर्ट पर CAT III B-सर्टिफाइड एयरक्राफ्ट तैनात किए गए हैं। किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में एयरक्राफ्ट को तुरंत रिपेयर किया जाएगा या कोहरे के प्रति संवेदनशील रूट से हटाया जाएगा।
ऑपरेशनल कंट्रोल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग :
एयर इंडिया का इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (IOCC) 24/7 मौसम की निगरानी करता है। रोजाना रिव्यू मीटिंग में अगले दिन के ऑपरेशन, क्रू स्टैंडबाय, एयरक्राफ्ट की तैयारी और संभावित डायवर्जन का मूल्यांकन किया जाता है।
फॉग केयर इनिशिएटिव :
एयर इंडिया ने फॉग केयर इनिशिएटिव शुरू किया है, जिसमें शामिल हैं :
- कोहरे के कारण संभावित देरी या कैंसलेशन की जानकारी यात्रियों को पहले से देना।
- बिना चार्ज के फ्लाइट रीशेड्यूलिंग या रिफंड की सुविधा।
- ऑन-ग्राउंड सहायता से कैंसिल हुई फ्लाइट के लिए मदद।
- संभावित डायवर्जन एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं।
एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि है। एक्स्ट्रा फ्यूल लोड, ट्रेन किए हुए इंजीनियर, डायवर्जन एयरपोर्ट की तैयारी और होटल व कस्टम सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। एयर इंडिया अधिकारी ने बताया, “हम हर कोहरे वाले ऑपरेशन की पूरी प्री-प्लानिंग करते हैं ताकि सुरक्षा बनी रहे और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।”
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