Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»हाथियों पर AI का वार! 12वीं पास छात्र के डिवाइस से सुरक्षित होंगे गांव और खेत
    जोहार ब्रेकिंग

    हाथियों पर AI का वार! 12वीं पास छात्र के डिवाइस से सुरक्षित होंगे गांव और खेत

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkJuly 18, 2026No Comments3 Mins Read1
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    मानव हाथी संघर्ष
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    झारखंड के 18 साल के अवि मोहन कुमार शुक्ला ने ऐसा AI आधारित डिवाइस तैयार किया है, जो इंसानों और हाथियों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने में मदद कर सकता है. खास बात यह है कि यह डिवाइस कम लागत में तैयार हुआ है और फिलहाल पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) में इसकी टेस्टिंग चल रही है. अगर परीक्षण सफल रहा तो अगस्त से इसे रांची जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाया जाएगा.

    रांची के रहने वाले अवि ने हाल ही में 12वीं की पढ़ाई पूरी की है. फिलहाल अवि ने एक साल के लिए पढ़ाई से ब्रेक लिया है और अगले साल IIT में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हैं. उनके इस प्रोजेक्ट को झारखंड वन विभाग, IIM रांची और अमेरिका की Emergent Ventures का भी सहयोग मिल रहा है. उन्हें स्टार्टअप्स झारखंड की ओर से बेस्ट बडिंग एंटरप्रेन्योर का सम्मान भी मिल चुका है.

    डिवाइस ऐसे करेगी काम

    अवि मोहन पिछले तीन महीने से वह इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे. उन्होंने जो डिवाइस बनाया है, उसका नाम ‘इनोबॉक्स’ (Innobox) है. यह सोलर एनर्जी से चलता है और इसमें AI कैमरा, रडार और सीस्मिक सेंसर लगे हैं. ये तकनीक मिलकर हाथियों और दूसरे बड़े जंगली जानवरों की पहचान करती है और गांव वालों को समय रहते अलर्ट भेजती है. अवि का दावा है कि यह डिवाइस 80 से 85 फीसदी तक सही पहचान करने में सक्षम है.

    वन विभाग के अनुसार, राज्य में मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए तीन स्तर पर काम किया जा रहा है. ऊपरी इलाकों में थर्मल कैमरे, बीच के हिस्सों में इन्फ्रारेड कैमरे और गांवों के पास, जहां बिजली और नेटवर्क की दिक्कत रहती है, वहां अवि का AI डिवाइस लगाया जाएगा.

    वर्तमान में जो हाथी भगाने वाले उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं, उनमें मोशन सेंसर लगे होते हैं. ये किसी भी हलचल पर सायरन बजा देते हैं, चाहे वह इंसान हो या कोई छोटा जानवर. इससे बैटरी जल्दी खत्म होती है और गांव वालों को बेवजह अलर्ट झेलना पड़ता है. लेकिन उनका AI डिवाइस सिर्फ हाथी जैसे बड़े जानवर की पहचान होने पर ही सायरन बजाता है. साथ ही यह सोलर एनर्जी से चलता है, इसलिए बिजली या बैटरी की परेशानी भी नहीं होती.

    बता दें, झारखंड में हाथियों और इंसानों के बीच टकराव लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019-20 से अब तक हाथियों के हमलों में 474 लोगों की जान जा चुकी है. ऐसे में वन विभाग भी इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने में जुटा है.

    पलामू टाइगर रिजर्व में हो रही है टेस्टिंग

    अवि को इस डिवाइस का आइडिया IIM रांची के ‘यंग चेंज मेकर’ कार्यक्रम के दौरान मिला. वह रांची के रसाबेड़ा गांव गए थे, जहां उन्होंने किसानों की फसल को हाथियों से होते नुकसान को करीब से देखा. इसके बाद उन्होंने सबसे पहले एक शुरुआती मॉडल तैयार किया, जिससे गांव के 35 परिवारों को फायदा मिला. इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने इसका और बेहतर AI वर्जन तैयार किया.

    मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रवि रंजन के मुताबिक, सोशल मीडिया पर अवि के काम की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने उन्हें बुलाया और उनका प्रेजेंटेशन देखा. इसके बाद विभाग ने 10 AI डिवाइस बनाने के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी. फिलहाल पलामू टाइगर रिजर्व में इसकी टेस्टिंग हो रही है और शुरुआती नतीजे काफी अच्छे मिले हैं.

    Read Also : झारखंड में चीखते गांव, तड़पते हाथी : 5 साल में 474 मौ’तें

    'इनोबॉक्स' Innobox अवि मोहन कुमार शुक्ला पलामू टाइगर रिजर्व मानव-हाथी संघर्ष
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleकौन थीं कादंबिनी गांगुली? भारत की पहली महिला डॉक्टर
    Next Article झारखंडः जयराम के बाद इरफान अंसारी ने किया सोनम वांगचुक का समर्थन

    Related Posts

    क्राइम

    जामताड़ाः पांच साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर लौट रही थी पुलिस, सूचना मिलने पर चार और को किया अरेस्ट

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंडः जयराम के बाद इरफान अंसारी ने किया सोनम वांगचुक का समर्थन

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    कौन थीं कादंबिनी गांगुली? भारत की पहली महिला डॉक्टर

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    करोड़ों का DMFT फंड, हजारों योजनाएं… फिर भी सारंडा की तस्वीर क्यों नहीं बदली?

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    ‘हर किसान तक पहुंचे सरकारी योजना’… कृषि विभाग की समीक्षा में हेमंत सोरेन के बड़े निर्देश

    July 17, 2026
    खेल-सिनेमा

    विश्व कप में झारखंड का चौका, सलीमा कप्तान, टीम इंडिया में 4 बेटियां

    July 17, 2026
    Latest Posts

    जामताड़ाः पांच साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर लौट रही थी पुलिस, सूचना मिलने पर चार और को किया अरेस्ट

    July 18, 2026

    झारखंडः जयराम के बाद इरफान अंसारी ने किया सोनम वांगचुक का समर्थन

    July 18, 2026

    हाथियों पर AI का वार! 12वीं पास छात्र के डिवाइस से सुरक्षित होंगे गांव और खेत

    July 18, 2026

    कौन थीं कादंबिनी गांगुली? भारत की पहली महिला डॉक्टर

    July 18, 2026

    करोड़ों का DMFT फंड, हजारों योजनाएं… फिर भी सारंडा की तस्वीर क्यों नहीं बदली?

    July 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.