Johar Live Desk : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, अमेरिका में हर सात में से एक वयस्क को क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) है, जो लगभग 35.5 मिलियन अमेरिकियों के बराबर है। शुरुआती स्टेज में लक्षणों का अभाव इसे और भी खतरनाक बना देता है। हालांकि किडनी की बीमारी के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कुछ रोजाना की आदतें इस महत्वपूर्ण अंग को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती हैं। बोर्ड-सर्टिफाइड डॉक्टर जॉन वैलेंटाइन ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में चेतावनी दी कि 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी किडनी की सेहत बचाने के लिए कुछ आदतें बदलना जरूरी है। उन्होंने इन प्रमुख पांच आदतों को बताया, जिन्हें अपनाने से किडनी को गंभीर नुकसान हो सकता है।
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- नियमित रूप से आइबुप्रोफेन लेना
डॉ. वैलेंटाइन के अनुसार, ओवर-द-काउंटर दर्द और बुखार की दवा आइबुप्रोफेन को लगातार लेना किडनी पर स्थायी असर डाल सकता है। NSAIDs लंबे समय तक लेने से किडनी की कार्य क्षमता घट सकती है और समय आने पर हफ्ते में तीन बार डायलिसिस की आवश्यकता पड़ सकती है। NHS भी कम से कम समय के लिए न्यूनतम डोज लेने की सलाह देता है। - पर्याप्त पानी न पीना
किडनी की सेहत के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक पानी की कमी से किडनी में टॉक्सिन जमा हो सकते हैं और पथरी या इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। सरकार द्वारा प्रकाशित ईटवेल गाइड के अनुसार, हर दिन छह से आठ कप तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है, हालांकि यह व्यक्ति की उम्र, एक्टिविटी और स्वास्थ्य के आधार पर अलग हो सकता है। - ज्यादा प्रोटीन का सेवन
डॉक्टर के अनुसार, ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती है। 40 साल की उम्र के बाद अत्यधिक प्रोटीन का सेवन किडनी की कार्य क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है और गंभीर मामलों में ट्रांसप्लांट की आवश्यकता पड़ सकती है। - बार-बार पेशाब आना
रात में बार-बार पेशाब की आवश्यकता होना किडनी फेलियर का शुरुआती संकेत हो सकता है। नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार, बार-बार पेशाब आना किडनी की फिल्टर क्षमता में कमी का संकेत है। इसे नजरअंदाज करना क्रोनिक किडनी डिजीज की गंभीर अवस्था तक ले जा सकता है। - पेशाब रोकना
महिलाओं में पेशाब रोकने की आदत आम है। लेकिन यह आदत ब्लैडर और किडनी की कार्यक्षमता को तेजी से प्रभावित कर सकती है। पेशाब रोकने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और किडनी तक संक्रमण पहुंच सकता है, जिससे स्थायी नुकसान हो सकता है। डॉक्टर के अनुसार, पेशाब रोकने की आदत रखने वाली महिलाओं में किडनी की बीमारी का खतरा पांच गुना अधिक होता है।
डॉ. जॉन वैलेंटाइन ने चेताया कि ये रोजाना की आदतें शुरुआत में हानिरहित लग सकती हैं, लेकिन समय के साथ किडनी पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं। 40 साल के बाद इन आदतों को बदलना जीवन भर किडनी की सेहत बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।
(Disclaimer: लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी कदम उठाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें।)
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