डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. उन्होंने परीक्षा परिणाम में कथित विसंगतियों की स्वतंत्र उच्चस्तरीय या सीबीआई जांच कराने और 25-27 जुलाई 2026 को प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को तत्काल स्थगित करने की मांग की है.
48 प्रश्नों के उत्तर पर भी चयन
जयराम महतो ने अपने पत्र में कहा है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष और भ्रम की स्थिति है. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक OMR कार्बन कॉपी में केवल 48 प्रश्नों के उत्तर अंकित होने के बावजूद संबंधित अभ्यर्थी का चयन हो गया, जिसकी जांच जरूरी है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोग के सदस्यों की सहमति और हस्ताक्षर के बिना परीक्षा परिणाम जारी किया गया. पत्र में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयोग के कुछ सदस्यों ने एजेंसी के कामकाज से असंतुष्ट होकर परिणाम पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जो गंभीर सवाल खड़े करता है.
जयराम महतो ने यह भी कहा कि सामान्य श्रेणी की 50 सीटों के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के 418 अभ्यर्थियों का चयन होना भी जांच का विषय है. इसके अलावा आयोग द्वारा इस बार श्रेणीवार कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने को भी उन्होंने अपारदर्शिता बताया.
उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए परिणाम जारी होने के बाद केवल 22 दिन का समय दिए जाने पर भी आपत्ति जताई और इसे पूर्व की परंपरा के विपरीत बताया.
जयराम महतो की प्रमुख मांगें
– 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और वायरल OMR मामले की स्वतंत्र उच्चस्तरीय या सीबीआई जांच कराई जाए.
– श्रेणीवार कटऑफ अंक तत्काल सार्वजनिक किए जाएं.
– जांच पूरी होने और कटऑफ जारी होने तक मुख्य परीक्षा स्थगित की जाए.
– जिन आयोग सदस्यों ने परिणाम पर हस्ताक्षर नहीं किए, उनकी आपत्तियां सार्वजनिक की जाएं.
– जांच में अनियमितता मिलने पर दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
– JPSC की पूरी चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.
पत्र के अंत में जयराम महतो ने कहा कि यह परीक्षा झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है. ऐसे में न्याय, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा है.

