Dhanbad : जिले में आगामी गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। डीडीसी सन्नी राज ने पीएचईडी प्रमंडल-1, प्रमंडल-2 और यांत्रिकी शाखा के अधिकारियों के साथ जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।
बंद चापाकल और जलमीनार की मरम्मत 24 घंटे में जरूरी
बैठक में उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में बंद पड़े या खराब चापाकल और जलमीनारों की मरम्मत 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि समन्वय के साथ काम करें, ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू रहे।
शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और QR कोड
आम नागरिकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है: https://water-grievances.awcdhn.in और साथ ही QR कोड की व्यवस्था भी की गई। इस पोर्टल के माध्यम से लोग अपने क्षेत्र में खराब चापाकल या बंद जलमीनार की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने इन शिकायतों के समाधान के लिए 72 घंटे की समयसीमा तय की है।
‘जल सेवा टीम’ से होगी जलापूर्ति की लगातार निगरानी
जिले में जल संकट की स्थिति को प्रभावी ढंग से निपटने और पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए समाहरणालय में पीएचईडी और डीएमएफटी पीएमयू की संयुक्त सेल ‘जल सेवा टीम’ का गठन किया गया है। यह टीम पूरे जिले में जलापूर्ति से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। बैठक में डीडीसी ने कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जाएं, ताकि गर्मी के मौसम में जिलेवासियों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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