Jamtara (Rajeev Jha) : नारायणपुर प्रखंड के गांगुडीह गांव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक दिशोम गुरु स्व वीर शिबू सोरेन का 82वां जन्मदिन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जेएमएम के स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और ग्रामीणों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह प्रतिमा स्थल पर पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद नेताओं ने गुरुजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू, रविंद्र नाथ दुबे, अशोक मंडल, प्रोफेसर कैलाश प्रसाद साव, इम्तियाज अंसारी, प्रदीप मंडल, लालू अंसारी, परेश यादव, बंटू हाईजैक, किशोर रवानी, हीरालाल सोरेन, सागीर खान, अनिल बास्की, सीताराम बास्की, और दिलीप मरांडी समेत कई नेता मौजूद रहे।
जेएमएम नेताओं ने कहा कि गुरु शिबू सोरेन झारखंडी अस्मिता, आदिवासी-मूलवासी अधिकार और सामाजिक न्याय के प्रतीक रहे। उन्होंने अपने जीवन को गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के हक की लड़ाई में समर्पित किया। गुरुजी ने झारखंड राज्य के निर्माण के लिए लंबा आंदोलन चलाया और जंगल, जमीन और जल की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाई।
झामुमो नेता प्रदीप मंडल ने कहा कि गुरु शिबू सोरेन का त्याग और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही झारखंड का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे गुरुजी के विचारों को अपनाएं और समाज तथा राज्य की सेवा में समर्पित रहें।
इस अवसर पर बच्चों और युवाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। गीत, नृत्य और भाषण के माध्यम से गुरुजी के जीवन और विचारों को प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने आदिवासी परंपरा और संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में गरीबों में मिठाई वितरित की गई और जरूरतमंदों को कंबल एवं वस्त्र भी दिए गए। नेताओं ने कहा कि जन्मदिन का असली अर्थ समाज सेवा है, इसलिए इसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।
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