गिरिडीह: झारखंड में गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होने के बीच भाजपा मंगलवार को शहर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के तहत पदयात्रा निकाल रही है. झंडा मैदान से शुरू होकर गांधी चौक तक जाने वाली इस पदयात्रा में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के साथ जिले के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे. कार्यक्रम के जरिए भाजपा कांग्रेस और विपक्षी दलों को चुनाव आयोग तथा संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है.
पदयात्रा में झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी प्रमुख रूप से शामिल होंगे. इनके अलावा पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. भाजपा की महानगर और ग्रामीण जिला इकाइयां संयुक्त रूप से इसकी तैयारी कर रही हैं.
एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की तैयारी
भाजपा इस पदयात्रा के जरिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधेगी. पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस और राहुल गांधी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं.
30 अक्टूबर को गिरिडीह में आयोजित तैयारी बैठक और प्रेसवार्ता में बाबूलाल मरांडी ने एसआईआर का समर्थन करते हुए कहा था कि मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित और एक से अधिक जगहों पर नाम दर्ज कराने वाले मतदाताओं की पहचान जरूरी है. उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था. भाजपा का कहना है कि पदयात्रा के माध्यम से इन मुद्दों को जनता के बीच रखा जाएगा.
सुदिव्य सोनू के निधन के बाद उपचुनाव
गिरिडीह में भाजपा की राजनीतिक सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है, जब झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद विधानसभा सीट खाली हो गई है. 6 सितंबर 2026 को उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव होना है. राज्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से सीट रिक्त होने की सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जा चुकी है. नियमानुसार रिक्ति के छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाना है. ऐसे में 6 मार्च 2027 से पहले चुनाव होना जरूरी है.
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू ने भाजपा प्रत्याशी निर्भय कुमार शाहाबादी को महज 3,838 वोटों से हराया था. सोनू को 94,042 वोट मिले थे, जबकि शाहाबादी को 90,204 मत प्राप्त हुए थे. इससे पहले 2019 के विधानसभा चुनाव में भी सुदिव्य सोनू ने भाजपा के निर्भय शाहाबादी को पराजित किया था. लगातार दो चुनावों में हार के बाद भाजपा के लिए इस बार गिरिडीह सीट पर वापसी करना बड़ी चुनौती होगी.
उपचुनाव को लेकर झामुमो और भाजपा दोनों की ओर से संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी गई हैं. झामुमो में दिवंगत सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा का नाम संभावित उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है. वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और क्षेत्र में जनसंपर्क भी कर रही हैं.
ऐसे में बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की मौजूदगी में होने वाली पदयात्रा को उपचुनाव से पहले भाजपा की संगठनात्मक सक्रियता के रूप में भी देखा जा रहा है. पार्टी के सामने न केवल अपने पुराने वोट आधार को मजबूत करने, बल्कि पिछले दो विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद सीट पर वापसी की चुनौती भी है. पदयात्रा के जरिए भाजपा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के साथ अपने राजनीतिक मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी.
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