जोहार लाइव ब्यूरो
पुलिस अधिकारी पर दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों से जुड़े मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने झारखंड के DGP से फिर रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने 28 दिसंबर 2026 तक मामले की पूरी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. यह मामला झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी की शिकायत से जुड़ा है.
राजीव कुमार तिवारी ने 27 मई 2022 को NHRC में शिकायत की थी. इसमें उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर मारपीट, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. शिकायत में धुर्वा थाना के तत्कालीन प्रभारी प्रवीण कुमार का भी जिक्र है.
NHRC को भेजी गई पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के दौरान राजीव कुमार तिवारी मोबाइल से वीडियो बना रहे थे और फेसबुक पर लाइव भी कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस निरीक्षक प्रवीण कुमार के साथ उनकी कहासुनी हुई थी.
इस घटना के बाद पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई. रिपोर्ट में बताया गया कि जांच में प्रवीण कुमार दोषी पाए गए थे. इसके बाद उन्हें दंड दिया गया और भविष्य में ऐसी घटना नहीं दोहराने की चेतावनी दी गई.
रांची के एसपी की ओर से इस मामले में 13 मई 2025 को NHRC को रिपोर्ट भेजी गई थी. इसमें घटना और पुलिस अधिकारी के खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई की जानकारी दी गई थी.
जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
राजीव कुमार तिवारी ने 9 मई 2026 को NHRC को अपनी टिप्पणी भेजी थी. उन्होंने पुलिस अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई पर असंतोष जताया और विभागीय जांच की पूरी रिपोर्ट मांगी.
तिवारी का कहना है कि घटना के दिन बनाया गया वीडियो पूरे मामले को समझने में मदद कर सकता है. उन्होंने पुलिस निरीक्षक प्रवीण कुमार और अवर निरीक्षक नारायण सोरेन की ओर से जांच के दौरान लगाए गए आरोपों को भी गलत बताया.
उन्होंने आयोग से मांग की कि उन्हें विभागीय जांच रिपोर्ट और इससे जुड़े दूसरे दस्तावेजों की प्रतियां दी जाएं, ताकि वह अपना पक्ष रख सकें.
वहीं NHRC ने 23 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में शिकायतकर्ता की टिप्पणी और मामले से जुड़े दस्तावेज झारखंड के DGP को भेजने का निर्देश दिया है. आयोग ने पूरे मामले की समीक्षा कर आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. इसके लिए 28 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है. इस पत्र की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्य सचिव और झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव को भी भेजी गई है.


