झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी है. बड़ी संख्या में छात्र रांची में विधानसभा का घेराव करने के लिए निकल चुके हैं. छात्र परीक्षाएं रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. इस बीच अब इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है.
इससे पहले हमारी रिपोर्ट में सामने आया था कि JSSC-CGL परीक्षा के पेपर लीक मामले में कथित तौर पर छात्रों को बोकारो में प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे. इस पूरे मामले में करीब 1.80 करोड़ रुपये की डील होने का भी दावा किया गया है.
अब इसपर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कथित पेपर लीक के सबूत सामने हैं, तो सरकार परीक्षा रद्द करने में देरी क्यों कर रही है. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि CGL रद्द करने की छात्रों की मांग पूरी तरह जायज है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के छात्रों का जीवन बर्बाद करने की पटकथा “बहुत करीने से लिखी गई है.”
सीजीपीएल रद्द करने की छात्रों की मांग पूरी तरह जायज है. सबूत सामने है, फिर रद्द करने में किस बात देरी कर रही है हेमंत सरकार. झारखंड के छात्रों का जीवन बर्बाद हो, इसका स्क्रिप्ट बहुत करीने से लिखा गया है.
जेएसएससी-सीजीएल का पेपर हुआ था लीक, बोकारो में रटवाया गया था उत्तर, 1.80…— Sanjay Seth (@SethSanjayMP) August 10, 2026
छात्रों के समर्थन में झारखंड बीजेपी ने सीएम आवास के बाहर धरना दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की.
इधर, JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में ED ने ECIR दर्ज की है. छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. जगह-जगह कंटीले तार और बैरिकेडिंग की गई है. BNS की धारा 163 लागू है और छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
प्रदर्शन स्थल से लेकर प्रमुख जगहों पर CCTV से निगरानी हो रही है. विधानसभा के मेन गेट पर बैरिकेडिंग की गई है, जबकि दो किलोमीटर के दायरे में वाटर कैनन तैनात हैं. दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है.




