क्या टीम इंडिया में खिलाड़ियों के चयन का पैमाना हर किसी के लिए एक जैसा है? क्या फिटनेस के नाम पर मोहम्मद शमी के साथ अलग रवैया अपनाया गया? अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ शमी के एक सवाल ने इन चर्चाओं को फिर हवा दे दी है. टीम से बाहर चल रहे शमी ने जब अपनी फिटनेस पर सवाल उठाया, तो क्रिकेट जगत में हलचल मच गई. उनका सीधा सवाल था- अगर मैं 50 ओवर की टीम के लिए फिट नहीं था, तो फिर रणजी ट्रॉफी कैसे खेल रहा था? शमी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज़ हो गई और अब इस पूरे विवाद पर पहली बार भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.
अगरकर ने कहा कि उन्होंने अभी तक शमी का पूरा बयान नहीं देखा है। अगर उन्होंने ऐसा कहा है, तो पहले उसे पढ़ेंगे और फिर ज़रूरत पड़ी तो उनसे बात भी करेंगे। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ महीनों में हमारी कई बार बातचीत हुई है और मेरा फोन खिलाड़ियों के लिए हमेशा खुला रहता है.
अगरकर ने आगे कहा, “मैं इस मामले को बेवजह हेडलाइन नहीं बनाना चाहता। शमी भारत के लिए शानदार खिलाड़ी रहे हैं। अगर उनके मन में कोई बात है, तो हम आपस में बैठकर उसे सुलझा लेंगे.
मुख्य चयनकर्ता ने साफ किया कि इंग्लैंड सीरीज़ से पहले भी चयन समिति का यही रुख था कि अगर शमी पूरी तरह फिट होते, तो वह टीम की योजना का हिस्सा होते। लेकिन उस समय उनकी फिटनेस पूरी तरह ठीक नहीं थी, इसलिए उनका चयन नहीं किया गया.
अब शमी के बयान और अगरकर के जवाब के बाद फिटनेस और टीम चयन को लेकर बहस तेज़ हो गई है। क्या यह मामला सिर्फ फिटनेस का है या फिर चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं? आने वाले दिनों में शमी और चयन समिति के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी.
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