ट्रक चालक से 25 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगने के आरोप में ओरमांझी थाना के मुंशी अजित को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है. ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है. वहीं, इस मामले में अभी भी जांच जारी है. सिल्ली डीएसपी मनीष लाल को पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश मिला है.
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा तेज हो गई है की भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
ग्रामीण एसपी ने मुंशी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देकर स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी की गरिमा से समझौता करने वालों के खिलाफ विभाग सख्ती बरतने के लिए तैयार है. अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि रिश्वत मांगने के आरोप कितने सही हैं और आगे संबंधित कर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, एक ट्रक चालक ने आरोप लगाया कि उसके वाहन से जुड़े मामले में राहत देने के एवज में मुंशी अजित और चालक ने 25 हजार रुपये की मांग की थी. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में जोरशोर से वायरल हुआ था और शिकायत वरीय अधिकारियों तक पहुंच गया.
इस के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया. प्रारंभिक जांच में शिकायत को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए ग्रामीण एसपी ने मुंशी अजित को थाना से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया. साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं. आम नागरिकों का कहना है कि यदि शिकायतों पर इसी तरह त्वरित कार्रवाई होती रही, तो पुलिस व्यवस्था में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा. वहीं, पुलिस अधिकारियों का भी मानना है कि भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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