राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 9,911 अतिरिक्त MBBS सीटों को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही देश में एमबीबीएस की कुल सीटें बढ़कर रिकॉर्ड 1,36,939 हो गई हैं.
नियामक संस्था द्वारा जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मौजूदा संस्थानों में सीटें बढ़ाए जाने के बाद 1,27,028 सीटों का नवीनीकरण भी किया गया है. यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब हर साल 22 लाख से अधिक उम्मीदवार NEET-UG परीक्षा में शामिल होते हैं और एमबीबीएस सीटों की मांग अब भी उपलब्ध सीटों से कहीं अधिक है.
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) के अध्यक्ष एम.के. रमेश ने बताया कि एमबीबीएस सीटों में यह उल्लेखनीय वृद्धि स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम, 2023 (Graduate Medical Education Regulations, 2023) में किए गए बदलावों के कारण संभव हुई है.
उन्होंने कहा कि पहले कोई मेडिकल कॉलेज अपनी स्थापना के साढ़े चार से पांच वर्ष बाद ही सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकता था. लेकिन 2023 के नए नियमों के बाद यह प्रतिबंध हटा दिया गया है. अब यदि कोई कॉलेज निर्धारित मानकों को पूरा करता है, तो वह दूसरे ही बैच से सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकता है.
यह स्वीकृत सीट मैट्रिक्स AIIMS और JIPMER जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों को शामिल नहीं करता. इसमें देश के 823 मेडिकल कॉलेज शामिल हैं, जिनमें 441 सरकारी और 382 निजी मेडिकल कॉलेज हैं. यही मैट्रिक्स इस वर्ष की काउंसलिंग का आधार बनेगा. हालांकि, एनएमसी ने कहा है कि अपीलीय प्राधिकरण या अन्य सक्षम संस्था के फैसलों के आधार पर इसमें संशोधन किया जा सकता है.
रिकॉर्ड संख्या में MBBS सीटें उपलब्ध होने से भारत की चिकित्सा कार्यबल यानी मेडिकल वर्कफोर्स में बढ़ोतरी की उम्मीद है. केंद्र सरकार का अनुमान है कि देश में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात अब 1:811 हो जाएगा, जबकि व्यापक रूप से स्वीकार्य मानक 1:1000 का है.
हालांकि, एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को चेतावनी भी दी है कि वे स्वीकृत क्षमता से अधिक छात्रों का प्रवेश न लें. ऐसा करने पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत नियामकीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. कॉलेजों को काउंसलिंग शुरू होने से पहले अपनी स्वीकृत सीटों का सत्यापन करने और किसी भी विसंगति की सूचना MARB को देने के निर्देश दिए गए हैं.
9,911 नई सीटों में से 2,400 सीटें 25 नए मेडिकल कॉलेजों (7 सरकारी और 18 निजी) में जोड़ी गई हैं, जबकि शेष 7,511 सीटें मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में सीट क्षमता बढ़ाकर जोड़ी गई हैं. इस वर्ष स्वीकृत अतिरिक्त सीटों में करीब 79% हिस्सा निजी मेडिकल कॉलेजों का है.
2026-27 MBBS सीट मैट्रिक्स (राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों को छोड़कर)
श्रेणी सरकारी निजी कुल
मेडिकल कॉलेज 441 382 823
नवीनीकृत सीटें 61,185 65,843 1,27,028
बढ़ाई गई सीटें 2,111 7,800 9,911
कुल MBBS सीटें 63,296 73,643 1,36,939
MBBS कॉलेजों और सीटों के मामले में शीर्ष राज्य
राज्य सरकारी कॉलेज निजी कॉलेज कुल कॉलेज कुल MBBS सीटें
उत्तर प्रदेश 49 39 88 14,000 (दूसरा स्थान)
महाराष्ट्र 42 44 86 13,099
तमिलनाडु 37 41 78 13,999 (तीसरा स्थान)
कर्नाटक 24 51 75 15,395 (सबसे अधिक MBBS सीटें)
राजस्थान 33 18 51 8,080

