मुस्कान चौधरी
अडानी ग्रुप ने ओडिशा में बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है. गुरुवार को अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने कहा कि कंपनी अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) के साथ मिलकर राज्य में एक बड़ा एल्युमीनियम प्लांट लगाएगी. इस परियोजना में 11.5 बिलियन डॉलर, यानी करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.
करण अडानी ने कहा कि अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ओडिशा को सिर्फ खनिजों के भंडार के रूप में नहीं देखते. उनके मुताबिक, यह राज्य भारत के औद्योगिक विकास की अगली बड़ी ताकत बन सकता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में सिर्फ संसाधन ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की क्षमता और देश की नई औद्योगिक तस्वीर बदलने का दम भी है. यह परियोजना उसी दिशा में एक अहम कदम है.
खनिज संपदा से भरपूर है ओडिशा
करण अडानी ने कहा कि ओडिशा देश के सबसे समृद्ध खनिज राज्यों में से एक है. यहां भारत का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार है। इसके अलावा देश के 50 फीसदी से ज्यादा लौह अयस्क का भंडार भी यहीं है. कोयले के बड़े भंडार की वजह से बिजली और उद्योगों को भी मजबूती मिलती है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है. मजबूत नीतियों की वजह से ओडिशा अब सिर्फ कच्चा माल देने वाला राज्य नहीं, बल्कि वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है.
रोजगार और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
करण अडानी ने कहा कि इस परियोजना का मकसद सिर्फ एक प्लांट बनाना नहीं है. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को भी फायदा मिलेगा. साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. करण अडानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है. इसे हासिल करने के लिए ओडिशा का विकास भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब राज्य अपने खनिजों का बेहतर इस्तेमाल करेगा, विश्वस्तरीय उद्योग लगाएगा और युवाओं को रोजगार देगा, तभी विकसित भारत का सपना पूरा होगा.

