Gumla : गुमला जिले के कुरूमगढ़ वनक्षेत्र अंतर्गत चैनपुर प्रखंड के कई गांवों में इन दिनों तेंदुए का आतंक बना हुआ है। तेंदुआ लगातार ग्रामीणों के पालतू पशुओं को अपना शिकार बना रहा है। इससे पशुपालकों को भारी नुकसान हो रहा है और पूरे इलाके में डर का माहौल है। ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि तेंदुआ रात के अंधेरे में जंगल से निकलकर गांवों के आसपास पहुंचता है और गाय, बैल व बकरियों का शिकार कर उन्हें घसीटते हुए अपनी मांद में ले जाता है। ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुए की मांद होने का दावा भी किया है।
चट्टानों के नीचे बनी है गुफा
ग्रामीणों के अनुसार कोल्हुकोना जंगल में चट्टानों के नीचे लंबी और गहरी गुफा है। इसी गुफा में तेंदुआ रहता है। कई ग्रामीणों ने उसे गुफा में घुसते और बाहर निकलते देखा है। कोल्हुकोना गांव निवासी धतरा कोरवा ने बताया कि तेंदुए का मांद उसके घर से करीब 300 मीटर दूरी पर है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ अब तक उनके तीन बैल और तीन बकरियों का शिकार कर चुका है। इससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
कई ग्रामीणों के पशुओं को मार चुका है तेंदुआ
ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ अब तक कई गांवों में हमला कर चुका है। कतारीकोना गांव के लालसाय असुर की गर्भवती गाय, कच्चापाठ गांव के नारायण असुर की गाय, चमरू कांवर के दो बैल, चमरी देवी की गाय, कृष्णा कांवर की गाय, प्रबल कांवर की गाय और सुखु उरांव की गाय को तेंदुआ मार चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई अन्य पशुपालकों के जानवर भी गायब हुए हैं, जिनके पीछे तेंदुए का हाथ हो सकता है।
ग्रामीणों में दहशत, मुआवजे की मांग
प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए के डर से लोग रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। पशुपालकों को अपने मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। चमरी देवी, कृष्णा उरांव और प्रबल कांवर ने बताया कि उन्होंने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है। लेकिन विभाग द्वारा मारे गए पशुओं की तस्वीर मांगी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ शिकार के बाद जानवरों को अपनी गुफा में खींचकर ले जाता है, ऐसे में वहां जाकर फोटो लेना जान जोखिम में डालने जैसा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई करने और सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है।
वन विभाग ने शुरू की जांच
इस मामले में गुमला के डीएफओ अहमद बेलाल अनवर ने बताया कि तेंदुए को ट्रेस करने के लिए इलाके में कई जगह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। हालांकि अभी तक कैमरों में तेंदुआ नजर नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीणों ने किसी गुफा में तेंदुआ देखे जाने की सूचना दी है तो उसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही जिन ग्रामीणों के पशुओं को तेंदुए ने मारा है, उन्हें विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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