Garhwa : गढ़वा-मेदिनीनगर फोरलेन पर रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मामा-भांजे की मौत हो गई। हादसा हुर गांव स्थित टोल प्लाजा के पास हुआ, जहां बालू लदे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। दुर्घटना में गढ़वा थाना क्षेत्र के ओबरा गांव निवासी उदय पाल (25) और मेराल थाना क्षेत्र के चामा गांव निवासी अंकज पाल (22) की जान चली गई। घटना के बाद दोनों गांवों में मातम पसरा हुआ है।
ट्रेन पकड़ने जा रहे थे दोनों युवक
परिजनों के अनुसार, उदय पाल मजदूरी करने के लिए विशाखापट्टनम जा रहा था। उसे ट्रेन पकड़वाने के लिए उसका भांजा अंकज पाल अपने ननिहाल ओबरा गांव आया हुआ था। रविवार को दोनों एक ही बाइक से गढ़वा रोड रेलवे स्टेशन जा रहे थे, जहां से उदय को बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़नी थी। इसी दौरान हुर गांव टोल प्लाजा के पास विपरीत दिशा से आ रहे बालू लदे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उदय पाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंकज गंभीर रूप से घायल हो गया।
इलाज के दौरान अंकज ने भी तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को गढ़वा सदर अस्पताल ले गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उदय को मृत घोषित कर दिया। वहीं अंकज की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। परिजन उसे इलाज के लिए मेदिनीनगर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को वापस गढ़वा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है। अंकज पाल अपनी मां का इकलौता बेटा था। तीन साल पहले उसके पिता रमेश पाल की मौत हो चुकी थी। पिता के निधन के बाद अंकज ही मजदूरी कर परिवार चला रहा था और मां का एकमात्र सहारा था। वहीं उदय पाल अपने परिवार का बड़ा बेटा था। वह विशाखापट्टनम में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। हादसे के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अवैध बालू ढुलाई पर परिजनों का गुस्सा
घटना के बाद परिजनों ने स्थानीय प्रशासन और टोल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में पुलिस और टोल कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध बालू ढुलाई का काम लगातार चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि पकड़े जाने के डर से ट्रैक्टर चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस रूट पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाओं के पीछे अवैध बालू लदे ट्रैक्टर जिम्मेदार हैं, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है।
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