जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में साइबर अपराधियों की संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के नाम पर आठ लाख रुपये ऐंठने के बाद भी विमान नहीं पहुंचा, जिससे समय पर इलाज न मिल पाने के कारण एक मरीज की जान चली गई। ठगी का शिकार हुए मानगो निवासी आरएन चौहान ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।
इलाज के लिए हैदराबाद किया गया था रेफर
जानकारी के अनुसार, आरएन चौहान के रिश्तेदार मोहन सिंह की स्थिति काफी गंभीर थी। वे जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती थे। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें तत्काल हैदराबाद रेफर करने की सलाह दी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने उन्हें एयर एंबुलेंस से ले जाने का निर्णय लिया।
इंटरनेट पर मिला ठगों का नंबर
आरएन चौहान ने इंटरनेट पर एयर एंबुलेंस सेवा की तलाश शुरू की। सर्च इंजन पर मिले एक नंबर पर संपर्क करने पर अपराधियों ने खुद को एक प्रतिष्ठित एयर एंबुलेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया। बातचीत के बाद सौदा आठ लाख रुपये में तय हुआ। मरीज की जान बचाने की जल्दी में परिजनों ने बिना देर किए पूरी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।
रकम मिलते ही टालमटोल शुरू
पैसे ट्रांसफर होने के बाद कथित कंपनी के प्रतिनिधियों ने एंबुलेंस भेजने के नाम पर बहानेबाजी शुरू कर दी। कभी तकनीकी खराबी तो कभी क्लीयरेंस न मिलने का बहाना बनाकर घंटों समय बर्बाद किया गया। परिजन बार-बार फोन करते रहे, लेकिन विमान नहीं पहुंचा।
समय पर इलाज न मिलने से मरीज की मौत
जब तक परिजनों को ठगी का अहसास हुआ और वे दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में सोचते, तब तक काफी देर हो चुकी थी। पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों के अभाव और समय पर हैदराबाद शिफ्ट न होने के कारण मरीज मोहन सिंह ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। अब पीड़ित परिवार न्याय और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

