Ranchi : झारखंड में आज यानि 30 अप्रैल से 5 मई तक झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर राज्य में लगातार देखने को मिलेगा। इसी वजह से कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
30 अप्रैल को कई जिलों में ओले गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने 30 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। इसे लेकर विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में ओले गिरने और तेज हवा चलने की संभावना है, उनमें रांची, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो शामिल हैं।
बारिश से मौसम हुआ सुहावना, कई जिलों में गिरा पारा
राज्य के कई हिस्सों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे अधिक बारिश…
- खूंटी में 34.5 मिमी
- बेरमो में 30.5 मिमी
इसके अलावा…
- कांके में 12.2 मिमी
- हजारीबाग में 11.8 मिमी
- बरही में 10.2 मिमी
- नवाडीह में 10.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
धनबाद-बोकारो में तेज आंधी, 70 किमी की रफ्तार से चली हवा
बारिश के दौरान धनबाद और बोकारो में तेज आंधी चली। हवा की गति 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई। इससे कई इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
ठनका गिरने से तीन लोगों की मौत
बारिश के साथ ठनका गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड में ठनका गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान नुनमुनि कुमार (24) और अमन कुमार (12) के रूप में हुई है। वहीं, लोहरदगा जिले के भंडरा क्षेत्र में ठनका गिरने से एक महिला की मौत हो गई। घटनाओं के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
किसानों के लिए राहत, खेतों को होगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश प्री-मानसून गतिविधि का हिस्सा है, जिससे खेतों को फायदा होगा। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस समय खेतों की गहरी जुताई कर जमीन खुली छोड़ दें, ताकि अधिक से अधिक पानी जमीन के अंदर जाकर भूजल स्तर को रिचार्ज कर सके।
अलनीनो का असर, मानसून में कम बारिश की आशंका
जानकारों का कहना है कि इस बार अलनीनो का असर दिख सकता है, जिससे मानसून के दौरान बारिश सामान्य से कम हो सकती है। ऐसे में किसानों को अभी से वर्षा जल संचयन पर ध्यान देने की जरूरत है।
मौसम विभाग की अपील- सतर्क रहें
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और आंधी के दौरान खुले मैदान में न जाएं, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली के खंभों या तारों से दूरी बनाए रखें।
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