Bokaro : चास नगर निगम में लेखपाल के पद पर तैनात सोमेन कुमार मंडल की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। मेयर भोलू पासवान ने उनकी नियुक्ति को अवैध बताते हुए सवाल खड़े किए हैं, जबकि सोमेन मंडल इसे पूरी तरह नियमसम्मत बता रहे हैं। इस मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। सोमेन मंडल का कहना है कि अक्टूबर 2016 में 48 अभ्यर्थियों के बीच इंटरव्यू प्रक्रिया के जरिए उनका चयन हुआ था। उन्हें 3 अक्टूबर 2016 को विज्ञापन संख्या 945 (11 जुलाई 2016) के आधार पर नियुक्ति पत्र मिला। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कार्यशैली से संतुष्ट होकर खुद मेयर ने 2017 में बोर्ड मीटिंग में उनका वेतन 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार किया था। इसके बावजूद अब उन्हें फर्जी बताया जा रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
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“बिना विज्ञापन के हुई नियुक्ति” – मेयर
वहीं मेयर भोलू पासवान का कहना है कि यह नियुक्ति नियमों के खिलाफ हुई है। उनके मुताबिक, न तो सही तरीके से विज्ञापन निकाला गया और न ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति ली गई।
मेयर का यह भी दावा है कि शुरुआत में सोमेन को डबल एंट्री के काम के लिए रखा गया था, लेकिन बाद में उन्हें लेखपाल बना दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। इसी आधार पर उन्हें हटाने की मांग की जा रही है।
रिकॉर्ड सील, निगम में बढ़ा तनाव
विवाद बढ़ने के बाद निगम कार्यालय के रिकॉर्ड को भी सील कर दिया गया है। इससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। निगम के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
डीसी ने दिया संतुलित बयान
मामले पर बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने साफ कहा है कि फिलहाल किसी को हटाने की बात नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और सभी पक्षों को अपने दायरे में रहकर काम करने की सलाह दी गई है। लगातार हो रही कथित प्रताड़ना से परेशान होकर सोमेन मंडल ने हाई कोर्ट का रुख किया है। कोर्ट ने नगर निगम को 8 हफ्ते के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस अवधि में सोमेन मंडल अपने पद पर बने रहेंगे। सोमेन मंडल का आरोप है कि मेयर अपने किसी करीबी को इस पद पर बैठाना चाहते हैं। वहीं मेयर लगातार नियुक्ति प्रक्रिया को ही गलत बता रहे हैं।
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