Ranchi : झारखंड के धनबाद जिले के टंडाबारी इलाके में एक बार फिर जमीन फटने की घटना सामने आई है। यह इलाका पहले से ही भू-धंसान प्रभावित रहा है। ताजा घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है और कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में निकल गए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 20 दिन पहले जिस जगह भू-धंसान हुआ था, अब उसी के आसपास लगभग 100 मीटर के दायरे में जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। इन दरारों की वजह से आसपास के करीब एक दर्जन घरों को नुकसान पहुंचा है। दीवारों और फर्श में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिससे घरों में रहना खतरे से खाली नहीं है।
पेड़ों के नीचे रहने को मजबूर लोग
घटना के बाद कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर बाहर आ गए हैं। कुछ लोग पेड़ों के नीचे और खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें हर वक्त डर बना रहता है कि कहीं जमीन फिर से न धंस जाए।
पुनर्वास का वादा अभी तक अधूरा
ग्रामीणों का कहना है कि पहले बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) की ओर से इलाके का सर्वे किया गया था और घरों की नंबरिंग भी की गई थी। साथ ही लोगों को जल्द पुनर्वास का आश्वासन दिया गया था। लेकिन घटना के 20 दिन बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
राहत कार्य बंद होने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआती दिनों में राहत कार्य चलाया जा रहा था, लेकिन अब उसे बंद कर दिया गया है। इससे प्रभावित परिवारों को और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए।गौरतलब है कि 31 मार्च को इसी इलाके में अचानक जोरदार आवाज के साथ भू-धंसान हुआ था। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई थी। अब उसी बस्ती में फिर से जमीन फटने और धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि इस बार एक ही परिवार के लोग बाल-बाल बच गए।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोग प्रशासन और बीसीसीएल से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो बड़ा हादसा फिर हो सकता है।
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