Nandigram: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। आज सुबह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दाउदपुर ग्राम पंचायत के प्रधान और तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता हबीबुर रहमान को नकदी बांटने और मतदाताओं को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। हबीबुर रहमान, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पूर्व चुनाव एजेंट शेख सूफियान के दामाद हैं, की गिरफ्तारी ने इलाके में खलबली मचा दी है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रहमान मोहम्मदपुर इलाके में घर-घर जाकर मतदाताओं को लिफाफों में नकदी बांट रहे थे और साथ ही यह चेतावनी दे रहे थे कि यदि उन्होंने टीएमसी के पक्ष में मतदान नहीं किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए इलाके की घेराबंदी की और रहमान को रंगे हाथों धर दबोचा। फिलहाल, पुलिस यह जांच कर रही है कि यह पैसा कहाँ से आया था और इसका मुख्य स्रोत क्या है।
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है, क्योंकि हबीबुर रहमान का अतीत पहले भी विवादों में रहा है। करीब डेढ़ साल पहले तमलुक को-ऑपरेटिव बैंक चुनाव के दौरान हुई बमबारी के मामले में भी उनका नाम सामने आया था, जिसके बाद एनआईए ने उन्हें वांछित घोषित किया था। अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही इस मामले पर राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी प्रक्रिया में खुला हस्तक्षेप और टीएमसी की ‘धनबल’ की राजनीति करार दिया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष द्वारा रचा गया एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।
नंदीग्राम पहले भी चुनावी हिंसा और तनाव के लिए कुख्यात रहा है और 2021 के चुनावों के दौरान भी यहाँ काफी विवाद देखे गए थे। ऐसे में, 2026 के चुनावों से ठीक पहले हुई इस गिरफ्तारी ने चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की गहन छानबीन में जुटी है और इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
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