Ranchi : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। पहले जहां समीक्षा बैठकों तक ही सीमित थीं, अब अधिकारी सीधे जिलों में जाकर व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जमशेदपुर पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की।
जमीनी हकीकत जानने पर जोर
निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद अब सिर्फ कागजी समीक्षा नहीं, बल्कि फील्ड में जाकर काम देखा जा रहा है। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं।
मई में शुरू हो सकता है अभियान
हालांकि SIR की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि मई महीने में यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है। बंगाल और असम चुनाव के नतीजों के बाद इसकी घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।
एक परिवार, एक बूथ पर फोकस
इस बार खास ध्यान इस बात पर है कि एक ही परिवार के सभी मतदाता एक ही बूथ पर दर्ज हों। अभी कई जगह ऐसा देखा गया है कि परिवार के सदस्य अलग-अलग बूथों में दर्ज हैं, जिससे मतदान के समय परेशानी होती है। अधिकारियों को ऐसे मामलों को चिन्हित कर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
घर-घर पहुंच रहे BLO, गेट पर लग रहा स्टीकर
बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अब घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान हर घर पर उनकी जानकारी वाला स्टीकर भी लगाया जा रहा है, ताकि संबंधित बूथ की पहचान आसान हो सके। साथ ही, परिवार के सभी सदस्यों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है।
हर घर को दिया जा रहा नंबर
जिन घरों के पास आधिकारिक मकान नंबर नहीं है, उन्हें भी अस्थायी नंबर दिया जा रहा है। इससे डेटा को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी और भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सकेगा।
डुप्लीकेट और शिफ्टेड वोटर्स पर नजर
निर्वाचन विभाग इस बार खास तौर पर एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान पर भी काम कर रहा है। इनकी सूची तैयार कर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी सत्यापन कराया जाएगा।
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