Jamtara : विधानसभा में हिंदू पूजा पद्धति को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे को लेकर सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। गुरुवार देर शाम टावर चौक पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर जोरदार विरोध जताया।
टावर चौक पर जुटे कार्यकर्ता, जमकर नारेबाजी
जिला अध्यक्ष सुमित शरण के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता टावर चौक पर इकट्ठा हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनके बयान को हिंदू आस्था का अपमान बताया। माहौल काफी देर तक गरम रहा।
“मंदिर जाते हैं, फिर पूजा पद्धति से दिक्कत क्यों”
जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें हिंदू पूजा पद्धति से समस्या है तो वे मंदिरों में माथा टेकने क्यों जाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बाबा धाम जैसे मंदिरों से मिलने वाली आमदनी तो चाहिए, लेकिन पूजा की परंपरा पसंद नहीं। इसे उन्होंने दोहरी राजनीति करार दिया।
“चुनाव में मंदिर, बाकी समय बयानबाजी”
भाजपा नेताओं ने इरफान अंसारी और जहीर खान अंसारी पर भी हमला बोला। उनका कहना था कि चुनाव के समय यही नेता मंदिर-मंदिर घूमते हैं और हिंदुओं से वोट मांगते हैं, लेकिन अब पूजा पद्धति पर सवाल उठाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं।
“मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए”
भाजपा की वरिष्ठ नेत्री बबीता झा ने कहा कि एक मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में इस तरह का बयान देना बेहद निंदनीय है। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री को पूरे हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए। अगर उन्हें सनातन परंपरा से ऐतराज है तो मंदिर जाना बंद करें, लेकिन सार्वजनिक मंच से ऐसी बातें कहना ठीक नहीं।
अन्य नेताओं ने भी जताई नाराजगी
भाजपा नेता सुनील हांसदा ने भी बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है। मौके पर किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री कमलेश मंडल समेत कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सियासत तेज होने के आसार
इस पूरे मामले के बाद जामताड़ा ही नहीं, पूरे झारखंड में राजनीतिक माहौल गरमा सकता है। भाजपा ने साफ संकेत दे दिया है कि इस मुद्दे को लेकर वह आगे भी विरोध जारी रखेगी।
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