Pakur : जिले में इन दिनों जाम की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। शहर में जैसे ही नो-एंट्री का समय खत्म होता है, बड़े-बड़े ट्रक और हाइवा एक साथ सड़कों पर उतर आते हैं। देखते ही देखते मुख्य सड़कें भारी वाहनों से भर जाती हैं और लंबा जाम लग जाता है। इस वजह से आम लोगों को रोजाना काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नो-एंट्री खत्म होते ही सड़कों पर उतरते हैं भारी वाहन
स्थानीय लोगों के मुताबिक शहर में ट्रकों और हाइवा की एंट्री के लिए तय समय है। लेकिन जैसे ही नो-एंट्री हटती है, बड़ी संख्या में ट्रक और हाइवा एक साथ शहर में प्रवेश कर जाते हैं। एक साथ इतने भारी वाहनों के आने से शहर की मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। कई जगहों पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते हैं और लंबा जाम लग जाता है।
स्कूली बच्चों और बसों को सबसे ज्यादा परेशानी
जाम का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। कई बार स्कूल बसें जाम में फंस जाती हैं और बच्चों को काफी देर तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह और दोपहर के समय जाम लगने से बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने और घर लौटने में परेशानी होती है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
आम लोग भी हो रहे परेशान
जाम की वजह से नौकरीपेशा लोग, दुकानदार और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोग भी परेशान हैं। कई बार लोगों को छोटी दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। दोपहिया और छोटे वाहन चालकों को जाम के बीच से निकलने में ज्यादा मुश्किल होती है। कई जगहों पर तो एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी रास्ता बनाने में दिक्कत होती है।
लोगों ने प्रशासन से की व्यवस्था सुधारने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ट्रकों के प्रवेश के लिए अलग-अलग समय तय किया जाए और ट्रैफिक की सही व्यवस्था की जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
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