Lucknow : यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की शनिवार को हेलिकॉप्टर यात्रा कुछ मिनटों के लिए डरावनी बन गई। लखनऊ से कौशांबी के लिए उड़ान भरते ही हेलिकॉप्टर में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिससे पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
2000 फीट की ऊंचाई पर गड़बड़ी, धुएं से भरा हेलिकॉप्टर
केशव मौर्य और उनका दल लखनऊ के ला मार्टिनियर स्कूल ग्राउंड से हेलिकॉप्टर में सवार हुए थे। हेलिकॉप्टर में कुल 6 लोग थे जिसमें दो पायलट, प्राइवेट सेक्रेटरी, दो सुरक्षा गार्ड और केशव मौर्य। उड़ान के लगभग 15 मिनट बाद, 2000 फीट की ऊंचाई पर हेलिकॉप्टर का डिस्प्ले अचानक बंद हो गया और अंदर धुआं भरने लगा। पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित लैंडिंग
पायलट ने हेलिकॉप्टर को लगभग 50 किलोमीटर दूर बछरावां तक पहुँचने से पहले ही वापस लखनऊ की ओर मोड़ दिया। एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर की लैंडिंग सुरक्षित रूप से कराई गई। इस दौरान फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी तैनात थी। हेलिकॉप्टर से केशव मौर्य समेत सभी 6 लोग सुरक्षित नीचे उतरे, और किसी को भी चोट नहीं आई।
दूसरे हेलिकॉप्टर से फिर कौशांबी के लिए रवाना
सुरक्षा और तकनीकी परेशानी का हल निकलने के बाद केशव मौर्य दूसरे हेलिकॉप्टर से कौशांबी के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने दो दिवसीय सरस महोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन विभाग की
जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर यूपी सरकार का है और इसकी जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन विभाग के पास है। इस विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह, जो सीएम के विशेष सचिव भी हैं, इस मामले की निगरानी कर रहे थे। यह केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग नहीं है, लेकिन पायलट और सुरक्षा टीम की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।


