Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अब अंतिम चरण में है। स्टेशन के साउथ गेट को पूरी तरह तैयार होने में लगभग दो महीने और लगेंगे। फिलहाल प्लेटफार्म संख्या-6 पर ट्रेनों का ठहराव और पासिंग शुरू हो चुका है, लेकिन शेड और अन्य बुनियादी ढांचे के अधूरे काम के कारण इसे यात्रियों के लिए अभी चालू नहीं किया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मई तक प्लेटफार्म-6 से नियमित यात्री सेवा शुरू कर दी जाएगी।
42 टेबल और आधुनिक सुविधाएं
प्लेटफार्म-6 पर टिकट काउंटर तैयार हो चुका है और भवन के दूसरे तल पर फिनिशिंग का काम जारी है। साउथ गेट के बाहर शेड, फर्श और पार्किंग क्षेत्र का काम भी अंतिम चरण में है। जी प्लस टू संरचना में बन रहे नए स्टेशन भवन में यात्रियों की सुविधा को केंद्र में रखा गया है। 17 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं, और दोनों ओर 100-100 कमरों वाले रिटायरिंग रूम बनाए जा रहे हैं। फूड प्लाजा में करीब 2,500 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है, जबकि स्टेशन पर एक समय में लगभग 35 हजार यात्रियों की आवाजाही संभव होगी।
परियोजना पर खर्च 447 करोड़ रुपये
स्टेशन पुनर्विकास पर कुल 447 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें से 330 करोड़ रुपये स्टेशन भवन निर्माण पर और बाकी राशि इंटीरियर, फर्नीचर और अन्य सुविधाओं पर व्यय की जा रही है।
पर्यावरण और यात्रियों की सुविधा पर खास जोर
स्टेशन की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे लगभग 30 प्रतिशत ऊर्जा की जरूरत पूरी होगी। महिलाओं के लिए फीडिंग जोन, बच्चों के लिए प्ले एरिया, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और आधुनिक प्रवेश नियंत्रण प्रणाली विकसित की जा रही है। स्टेशन भवन के सामने बड़ा सर्कुलेटिंग एरिया बनाया जा रहा है, जिसमें आटो, टैक्सी और निजी वाहनों के लिए अलग-अलग लेन और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा होगी।
नॉर्थ गेट और अस्थायी सेवाएं
साउथ गेट का काम पूरा होने के बाद ही नॉर्थ गेट के पुनर्विकास का कार्य शुरू होगा। फिलहाल सर्वे जारी है और अगले दो-तीन महीनों में निर्माण शुरू होने की संभावना है। निर्माण अवधि में स्टेशन सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए स्टेडियम के पीछे अस्थायी भवन तैयार किया जा रहा है, जिसमें रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल, मजिस्ट्रेट कार्यालय, ट्रैक मशीन कार्यालय, रेलटेल कार्यालय और को-आपरेटिव बैंक को शिफ्ट किया जाएगा।
नया रोड ओवरब्रिज शहर की कनेक्टिविटी सुधारने वाला
पुनर्विकास परियोजना के तहत उत्तर और दक्षिण हिस्से को जोड़ने वाला नया रोड ओवरब्रिज (आरओबी) भी तेजी से बन रहा है। 25.5 करोड़ रुपये की लागत वाला 11.70 मीटर चौड़ा आरओबी दो लेन सड़क और दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़े पैदल पथ से लैस होगा।
772 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का मुख्य स्पैन 60 मीटर का बो-स्ट्रिंग गर्डर होगा। इसे 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बन जाने से चुटिया क्षेत्र से बिरसा चौक और एचईसी की ओर जाने वाले लोगों को लंबा और जाम वाला रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। नेपाल हाउस और डोरंडा के रास्ते सीधी कनेक्टिविटी मिलने से शहर की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी।
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