किसलय शानू
बोकारो ट्रेजरी घोटाले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. नए खुलासे के मुताबिक कौशल पांडेय ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में खुद को मुख्य आरोपी बताया है. जांच टीम के सामने उसने बताया, ‘’मैं उपेंद्र सिंह से संबंधित जानकारी हासिल कर दस्तावेज में जालसाजी की और उसे एडिट किया. इसके बाद उपेंद्र सिंह के अकाउंट नंबर यानी की जगह अपनी पत्नी अन्नू पांडेय का अकाउंट नंबर डाल दिया था.’’
कौशल पांडेय के अनुसार, ‘’उपेंद्र सिंह जुलाई 2016 को रिटायर हो गए थे, लेकिन मैं उनकी जन्मतिथि में जालसाजी की और उसे एडिट करके मार्च, 2026 कर दिया और उपेंद्र सिंह के नाम को जीपीएफ नंबर के तौर पर इस्तेमाल किया और सैलरी निकाल ली.’’
उसने आगे बताया, ‘’मैंने वित्तीय वर्ष 2023-2024 में ट्रेजरी से तीन बार में कुल 28,25,808 रुपये निकाले और वित्तीय वर्ष 2024-2025 में कुल 28,25,808 रुपये निकाले. इस तरह से 31 बार में 1,65,81,668 निकाले. वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 2,35,63,53 रुपये निकाले की बात को भी कौशल पांडेय ने स्वीकार किया है. एसआइटी की जांच के अनुसार इस तरह कुल 4,29,71,007 रुपये निकाले गये थे.’’
एसआइटी की जांच में आये तथ्यों के अनुसार कौशल पांडय पहले उपेंद्र सिंह की सैलरी अपनी पत्नी के अकाउंट में भेजता था और उसे अपने एसबीआइ चास कोर्ट एरिया ब्रांच अकाउंट नंबर में ट्रांसफर करता था. हालांकि पूछताछ के दौरान कौशल पांडेय ने कभी यह स्वीकार नहीं किया कि उसकी पत्नी को पूरे घटना के बारे पहली से जानकारी नहीं थी. साथ ही वह इस गिरोह में शामिल थी. हालांकि जांच में आये तथ्यों के आधार पर एसआइटी ने अन्नू पांडेय को भी संदिग्ध माना है.
किस वित्तीय वर्ष में निकाले कितने पैसे
वित्तीय वर्ष : निकाशी किये गये पैसे
- 2023-2024 : 28,25,808 रुपये
- 2024-2025 : 28,25,808 रुपये
- 2025-2026 : 2,35,6353
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