Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»झारखंड की बिजली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती, रिफंड करने होंगे 5,000 करोड़ रुपए
    झारखंड

    झारखंड की बिजली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती, रिफंड करने होंगे 5,000 करोड़ रुपए

    Team JoharBy Team JoharFebruary 18, 2026Updated:February 18, 2026No Comments3 Mins Read3
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    बिजली
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : झारखंड की बिजली वितरण कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य सरकार के पास पिछले पांच साल में उपभोक्ताओं से वसूले गए लगभग 5,000 करोड़ रुपये जमा हैं, जिसे हाईकोर्ट ने वापस करने का आदेश दिया है। इस राशि में सिर्फ सरायकेला-खरसावां का 166 करोड़ रुपये शामिल है। अब सभी बिजली वितरण कंपनियां इस पैसे की वापसी के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

    सरकार ने लगाया था अतिरिक्त विद्युत शुल्क

    साल 2021 में झारखंड सरकार ने गजट जारी कर विद्युत शुल्क लगाया था, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं से 6%, औद्योगिक हाईटेंशन उपभोक्ताओं (10 एमवीए तक) से 8% और औद्योगिक हाईटेंशन (10 एमवीए से अधिक) से 15% के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क वसूला गया।

    बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि जो पैसा वसूला गया, वह सीधे सरकार के पास जमा कर दिया गया। अब हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि यह शुल्क उपभोक्ताओं को ब्याज सहित वापस किया जाए या उनके बिल में एडजस्ट किया जाए। लेकिन कंपनियों के पास यह पैसा नहीं है।

    बिजली कंपनियों की कमाई का 85% हिस्सा खर्च

    बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि उनकी कमाई का करीब 85% पैसा बिजली खरीदने में ही खर्च होता है। ऐसे में 5,000 करोड़ रुपये तुरंत लौटाना उनके लिए आसान नहीं है।

    तैयारी हाईकोर्ट जाने की

    झारखंड में सेवा दे रही सभी बिजली वितरण कंपनियां – टाटा स्टील, टाटा स्टील यूएसआइएल, जेबीवीएनएल, सेल बोकारो और डीवीसी – अब विधिक सलाह लेकर हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं।

    हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश को असंवैधानिक बताया

    झारखंड सरकार ने जुलाई 2021 में झारखंड विद्युत शुल्क अधिनियम 1948 में संशोधन कर नेट चार्जेस (बिजली बिल की कुल राशि) पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क वसूलने का आदेश दिया था। लेकिन झारखंड हाईकोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को यह संशोधन असंवैधानिक करार दिया और आदेश दिया कि नेट चार्जेस पर प्रतिशत के हिसाब से वसूली रद्द की जाए। साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि बिजली वितरण कंपनियों ने जितना शुल्क लिया है, उसे उपभोक्ताओं को वापस करना या बिल में एडजस्ट करना होगा।

    कंपनी और उपभोक्ताओं के बीच फंसा संकट

    टीवी और ऑटो उद्योगों से जुड़े उपभोक्ताओं को यह खबर खासकर हैरानी में डाल सकती है। क्योंकि कंपनियों के पास तुरंत इतने बड़े पैसों की व्यवस्था नहीं है। टाटा स्टील यूएसआइएल के महाप्रबंधक वीपी सिंह ने आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में हुई जन सुनवाई में बताया कि यह मामला गंभीर है और सभी कंपनियां अब विधिक राय लेकर हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।

    Also Read : शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में मामूली गिरावट

    Act 1948 Auto Cluster Consumer DVC Electricity Bill Electricity Charges electricity rate government High Court interest jbvnl jharkhand Law power distribution companies SAIL Bokaro Seraikela Kharsawan State Regulatory Commission Tata Steel Tata Steel USIL अधिनियम 1948 उपभोक्ता ऑटो क्लस्टर कानून जेबीवीएनएल झारखंड टाटा स्टील टाटा स्टील यूएसआइएल डीवीसी बिजली वितरण कंपनियां ब्याज राज्य नियामक आयोग विद्युत दर विद्युत बिल विद्युत शुल्क सरकार सरायकेला-खरसांवा सेल बोकारो हाईकोर्ट
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleबेकाबू घोड़े का कहर, एक मासूम की मौत, दूसरी की हालत नाजुक
    Next Article झारखंड बजट सत्र 2026 शुरू, राज्यपाल का अभिभाषण देखें LIVE

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    ‘हर किसान तक पहुंचे सरकारी योजना’… कृषि विभाग की समीक्षा में हेमंत सोरेन के बड़े निर्देश

    July 17, 2026
    खेल-सिनेमा

    विश्व कप में झारखंड का चौका, सलीमा कप्तान, टीम इंडिया में 4 बेटियां

    July 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    श्रावणी मेला 2026: सुरक्षा का मास्टर प्लान तैयार, भीड़, आतंक और अपराध… हर मोर्चे पर रहेगी नजर

    July 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    फर्जी बैंक गारंटी से 55 करोड़ भुगतान का आरोप, बाबूलाल ने CM को लिखा पत्र

    July 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    जामताड़ा : सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल, ओपीडी ठप, बिना भर्ती लौटी गर्भवती

    July 17, 2026
    क्राइम

    धनबादः नवोदय विद्यालय के छात्र की तीन घंटों तक बेल्ट से पिटाई, हालत गंभीर

    July 17, 2026
    Latest Posts

    ‘हर किसान तक पहुंचे सरकारी योजना’… कृषि विभाग की समीक्षा में हेमंत सोरेन के बड़े निर्देश

    July 17, 2026

    अपहरण, फिरौती और धमकी… 12 घंटे में रांची पुलिस ने रेस्क्यू की 5 साल की बच्ची

    July 17, 2026

    विश्व कप में झारखंड का चौका, सलीमा कप्तान, टीम इंडिया में 4 बेटियां

    July 17, 2026

    चिता पर लेटीं आदिवासी महिलाएं, आखिर क्यों उठी ‘मौत या न्याय’ की मांग?

    July 17, 2026

    100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ा ISRO, क्या खतरे में पड़ जाएगा गगनयान मिशन ?

    July 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.