New Delhi : देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के कामाख्या स्टेशन के बीच चलेगी। 958 किलोमीटर की दूरी अब यह ट्रेन करीब 14 घंटे में तय करेगी, जबकि अभी इसी मार्ग पर यात्रा में लगभग 17 घंटे लगते हैं।
लोकार्पण के मौके पर स्टेशन पर खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ट्रेन में सफर कर रहे बच्चों और छात्रों से बातचीत की। छात्रों ने कविताएं सुनाईं और अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने बच्चों को ऑटोग्राफ दिए और उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने ट्रेन के चालक और अन्य रेलवे कर्मियों से भी बात की। इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री को देवी की प्रतिमा भेंट की।
रेलवे बोर्ड के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आरएसी की सुविधा नहीं होगी। ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं। ट्रेन को रात के सफर के अनुरूप डिजाइन किया गया है, ताकि यात्रियों को बेहतर आराम मिल सके।

किराये की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक रखा गया है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया लगभग 2,300 रुपये तय किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही 1 जनवरी को इस रूट पर एसी-1, एसी-2 और एसी-3 श्रेणी के संभावित किरायों की घोषणा कर चुके हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस ट्रेन के शुरू होने से पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। देवघर से कामख्या जाने वाले यात्रियों को भी काफी सुविधा होगी। तेज रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं के कारण यात्रियों का समय बचेगा और सफर अधिक आरामदायक होगा। इसे भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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