जोहार लाइव ब्यूरो
रामगढ़ : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार, 17 अक्टूबर को रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित अपने पैतृक गांव नेमरा में दिवंगत मां रूपी सोरेन का दशकर्म संस्कार पूरा किया. इस दौरान उन्होंने संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार परिवार के सदस्यों और परिजनों के साथ पारंपरिक रस्में निभाईं.
दशकर्म के अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने दोनों बेटों के साथ मुंडन भी कराया. मुंडन के बाद वह भावुक हो गए और माता-पिता के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया. सुख के दिन आए तो मां-बाबा चले गए. अगर वे रहते तो उनकी और सेवा करते.

संथाली परंपरा के अनुसार निभाईं रस्में
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा में परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में दशकर्म की रस्में पूरी कीं. इस दौरान दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी गई. परिवार के सदस्यों ने स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया.
दशकर्म के दौरान मुख्यमंत्री के दोनों बेटों ने भी मुंडन कराया. इस भावुक मौके पर परिवार के सदस्य मौजूद रहे. रूपी सोरेन के निधन के बाद से ही मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोगों का पहुंचना जारी है. लोग परिवार से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं.

7 अक्टूबर को हुआ था रूपी सोरेन का निधन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन 7 अक्टूबर 2026 को हुआ था. उनके निधन की खबर से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए सोरेन परिवार के प्रति संवेदना जताई थी.
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, चंपाई सोरेन और रघुवर दास समेत कई नेताओं ने रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया था. बाबूलाल मरांडी ने कहा था कि मुख्यमंत्री की माताजी के निधन की सूचना से उनका मन अत्यंत व्यथित है. उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की थी.

आज नेमरा में संस्कार भोज
रूपी सोरेन के दशकर्म के बाद रविवार, 18 अक्टूबर को नेमरा में संस्कार भोज का आयोजन किया जा रहा है. इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं. आयोजन में झारखंड के अलग-अलग जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना है.
आयोजन स्थल पर चार बड़े पंडाल तैयार किए गए हैं. लोगों की आवाजाही के लिए 500 से अधिक वाहनों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं.
संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है. रिपोर्टों के मुताबिक, 14 आईपीएस अधिकारियों, 42 डीएसपी और 2300 अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई है. आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात और पार्किंग की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
रूपी सोरेन के निधन के बाद नेमरा में लगातार लोगों का पहुंचना जारी है. दशकर्म के साथ परिवार ने पारंपरिक रस्में पूरी कीं, जबकि रविवार को होने वाला संस्कार भोज दिवंगत रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है.
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