जोहार लाइव ब्यूरो
रामगढ़: दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का दशकर्म आज, 17 अक्टूबर को रामगढ़ जिले में उनके पैतृक गांव नेमरा में होगा. दशकर्म की रस्में पैतृक आवास के समीप स्थित तालाब के किनारे निभाई जाएंगी. इसके लिए तालाब के पास पंडाल बनाया गया है. वहीं, रविवार, 18 अक्टूबर को संस्कार भोज का आयोजन होगा, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. दोनों कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
दशकर्म की रस्में कुडूम हड़ाम छोटू बेसरा, नायके हड़ाम चेतन टुडू, प्राणिक हड़ाम बिजू सोरेन और काशीनाथ बेसरा संपन्न कराएंगे. परंपरा के अनुसार, दशकर्म की रस्में पूरी होने के बाद परिवार के सदस्यों का छुतका पूरी तरह हट जाएगा.

आठ अक्टूबर से नेमरा में हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए झारखंड के अलग-अलग जिलों से लोग नेमरा पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आठ अक्टूबर से अपने पैतृक गांव में रहकर मां के श्राद्धकर्म की रस्में निभा रहे हैं.
शुक्रवार को भी पैतृक आवास में परिवार की महिला सदस्यों ने पारंपरिक तरीके से भोजन तैयार किया. विधायक कल्पना सोरेन, रेखा सोरेन और परिवार की अन्य महिलाओं ने भोजन बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया. इसके बाद कल्पना सोरेन ने रूपी सोरेन को परोसने के लिए भोजन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपा.
श्राद्धकर्म के नौवें दिन सुबह मुख्यमंत्री परिवार के सदस्यों के साथ भोजन लेकर घाट के समीप पहुंचे. यहां दिवंगत रूपी सोरेन को भोजन अर्पित करने के साथ परंपरा के अनुसार सभी रस्में पूरी की गईं.
मुख्यमंत्री से मिलने और फरियाद सुनाने पहुंचे लोग
एक ओर पैतृक आवास में श्राद्धकर्म की रस्में चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोगों से मुलाकात भी कर रहे हैं. शुक्रवार को पैतृक आवास के सामने बने पंडाल में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा.
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के आंदोलन से जुड़े लोगों, संथाली समाज के सदस्यों और अलग-अलग गांवों से आए लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. लोगों ने इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री का हौसला बढ़ाया और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं.
मुख्यमंत्री ने हजारों लोगों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं. इस दौरान कई लोगों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन भी सौंपे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. संथाली समाज के कई लोग पारंपरिक वेशभूषा में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे.
सांसद, मंत्री, विधायक और जशपुर राजपरिवार के सदस्यों ने दी श्रद्धांजलि
दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार को कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के नेता नेमरा पहुंचे. इनमें सांसद विजय हांसदा और नलिनी सोरेन, मंत्री हफिजुल हसन, विधायक सरयू राय, अनंत प्रताप देव, अमित महतो और अनुप सिंह शामिल रहे.
इसके अलावा कांग्रेस नेता मोहम्मद रेयाज अंसारी, मुन्ना सिंह और जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो समेत अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की.
छत्तीसगढ़ के जशपुर राजपरिवार के सदस्यों ने भी नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की. महाराजा सह पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, महारानी अमृता सिंह जूदेव, युवराज यश प्रताप जूदेव और राजकुमार आर्य प्रताप जूदेव ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
संस्कार भोज में एक लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद
रूपी सोरेन का संस्कार भोज रविवार, 18 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा. इसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है. बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर पंडाल बनाए गए हैं, जहां भोजन की व्यवस्था की गई है.
लोगों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए गोला चौक से बरलंगा चौक होते हुए नेमरा तक सड़क पर अस्थायी डिवाइडर बनाए गए हैं. ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस पोस्ट स्थापित किए गए हैं. बरलंगा चौक से आगे डिवाइडर के साथ चेक पोस्ट भी बनाए गए हैं.
वाहनों की पार्किंग के लिए चार स्थान निर्धारित किए गए हैं. झारखंड के विभिन्न जिलों से आने वाले लोग अपने वाहन पार्क करने के बाद टोटो और टेंपो के जरिए पैतृक आवास तक पहुंच सकेंगे. रास्तों में बिजली की रोशनी और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, तीन हेलीपैड तैयार
दशकर्म और संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. शुक्रवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गईं. देशभर से आने वाले विशेष अतिथियों की सुविधा के लिए तीन हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं.
श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों को भोजन स्थल तक आसानी से पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था की गई है. प्रशासन की ओर से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
नेमरा पहुंच रहे लोगों के बीच दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन और रूपी सोरेन से जुड़ी यादें भी ताजा हो रही हैं. दशकर्म और संस्कार भोज के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
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