Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सोमवार को कमजोरी के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर घरेलू बाजार पर दिखा। सुबह करीब 9:22 बजे, बीएसई सेंसेक्स 95 अंक या 0.44% गिरकर 83,212 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 95 अंक या 0.37% टूटकर 25,588 पर खुला।
रुपया कमजोर
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर नजर आया। शुरुआती कारोबार में रुपया 5 पैसे गिरकर ₹90.23 पर खुला और कारोबार के दौरान ₹90.30 तक चला गया।
मिडकैप और स्मॉलकैप में दबाव
बढ़त के बजाय व्यापक बाजार में भी गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.33% कमजोर हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.57% की गिरावट दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
सेक्टोरल प्रदर्शन
सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे, सिवाय मेटल और एफएमसीजी के। फार्मा, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1.4% से अधिक की गिरावट आई। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण इन सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
तकनीकी नजर
विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल समर्थन स्तर 25,500–25,600 के बीच है। वहीं, 25,800–25,850 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट होने पर बाजार स्थिर रह सकता है। इंडिया वीआईएक्स में बढ़त से संकेत मिलता है कि बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
वैश्विक कारक
विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिका की हालिया टिप्पणियां भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जटिल बना रही हैं। इसके अलावा वेनेजुएला और ईरान संकट, और अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों से वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ी है।
एशियाई और अमेरिकी बाजार
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजार सुबह के सत्र में हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। चीन, जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया में तेजी रही। अमेरिका के पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार मजबूत रहे। विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब तिमाही नतीजों और बड़ी आईटी व बैंकिंग कंपनियों के प्रबंधन की टिप्पणियों पर है, जो निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करेंगी।
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