Ranchi : रांची का सदर अस्पताल जल्द ही देश का पहला ऐसा सदर अस्पताल बनने जा रहा है, जहां बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) की सुविधा उपलब्ध होगी। यह सुविधा राज्य में रक्त से जुड़ी गंभीर बीमारियों और ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
मुख्यमंत्री और कैबिनेट के प्रस्ताव के अनुसार, इस सुविधा के लिए साढ़े छह करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। रांची सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और पैथोलॉजी विभाग के हेड डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने बताया कि BMT यूनिट अस्पताल की नई बिल्डिंग के आठवें तल्ले पर स्थापित की जाएगी और इसे अत्याधुनिक संसाधनों से सजाया जाएगा।
डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि वर्तमान में केवल एक डॉक्टर उपलब्ध है, लेकिन सरकार जल्द ही अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करेगी। इस सुविधा के लिए सीएमसी वेल्लोर के विशेषज्ञ डॉक्टर तकनीकी सहयोग देंगे।
यह यूनिट उन मरीजों के लिए फायदेमंद होगी, जिन्हें थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया और विभिन्न प्रकार के ब्लड कैंसर हैं। वर्तमान में झारखंड और आसपास के राज्यों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए चेन्नई, मुंबई, दिल्ली या हैदराबाद जाना पड़ता है और खर्च 16 से 20 लाख रुपये तक हो जाता है।
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि जनवरी 2026 से बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए वार्ड और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण शुरू होगा और 2026 में BMT सुविधा शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और समय की बड़ी राहत मिलेगी।
डॉ. बिमलेश सिंह ने बताया कि सही समय पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने पर थैलेसीमिक बच्चों के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना 50-60 प्रतिशत तक हो सकती है। ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, मायलोमा और अन्य रक्त से जुड़ी गंभीर बीमारियों में भी यह इलाज कारगर साबित होता है।
यह पहल झारखंड में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Also Read : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संथाली प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट

