Bijapur : बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर मंगलवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। घंटेभर चली इस कार्रवाई में 12 नक्सली ढेर हो गए, जबकि डीआरजी के तीन जवान शहीद हो गए। दो घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस्तर आईजी ने बताया कि मुठभेड़ सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई। सूचना मिली थी कि जंगल क्षेत्र में बड़े नक्सली नेताओं की मौजूदगी है। सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने पलटवार किया।
शहीद जवानों के नाम
शहीद जवानों की पहचान मोनू उर्फ मोहन बड़डी, दुकारू गोंडे और रमेश सोड़ी के रूप में हुई है। तीनों जवान डीआरजी बीजापुर से जुड़े थे और स्थानीय इलाके के निवासी थे। घायल जवानों में ASI जनार्दन कोर्राम और आरक्षक सोमदेव यादव शामिल हैं।
टॉप नक्सली कमांडर वेल्ला मारा गया
मुठभेड़ में ढेर हुए नक्सलियों में DVCM मोडियामी वेल्ला भी शामिल है। वेल्ला PLGA कंपनी नंबर 2 का कमांडर और संगठन का कुख्यात शीर्ष नक्सली था। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वेल्ला पिछले 15 वर्षों से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय था और कई बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता था।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
घटनास्थल से सुरक्षा बलों को LMG मशीन गन, AK-47, SLR, INSAS, .303 रायफलें, बड़ी मात्रा में कारतूस, आईईडी, डेटोनेटर और नक्सली साहित्य मिला है। बरामद हथियारों से साफ संकेत मिलता है कि नक्सली बड़े हमले की योजना बना रहे थे।
डिजिटल डिवाइस से मिलेंगे सुराग
मौके से मिले मोबाइल, पेनड्राइव समेत अन्य डिजिटल सामग्री की जांच की जा रही है। इससे नक्सलियों की भविष्य की गतिविधियों और नेटवर्क पर अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
सीएम और गृहमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गृहमंत्री विजय शर्मा ने शहीद जवानों को नमन किया और कहा कि सुरक्षा बलों का साहस और बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त बल भेजा गया है। जंगलों की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि फरार नक्सलियों को पकड़ा जा सके।
Also Read : बीजापुर में बड़ा एनकाउंटर, पांच नक्सली ढेर, DRG का एक जवान शहीद

