झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सियासत भी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को 14वीं JPSC समेत कई परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया. सरकार के इस फैसले को छात्रों के आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है, लेकिन छात्र अब भी मामले की CBI जांच की मांग पर अड़े हैं.
झारखंड के छात्रों को ठगने के लिए हेमंत सोरेन ने सोची-समझी साजिश के तहत कल कैबिनेट में परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है।
अब गलत ढंग से चयनित छात्र न्यायालय जाएंगे। न्यायालय सरकार और CID से सबूत मांगेगा और फिर CID द्वारा गलत रिपोर्ट पेश की जाएगी। नतीजा यह होगा कि सरकार के… pic.twitter.com/YpNIIkPtkU
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 18, 2026
सरकार की ओर से CBI जांच को लेकर कोई स्पष्ट फैसला सामने नहीं आने के बाद बीजेपी ने इसे मुद्दा बना लिया है. झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए उनका एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट याद दिलाया है. बाबूलाल ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री विपक्ष में थे, तब वह युवाओं से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई और CBI जांच की बात करते थे, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद इस मामले में जांच से पीछे क्यों हट रहे हैं.
बाबूलाल ने याद दिलाया 6 नवंबर 2024 का पोस्ट
6 नवंबर 2024 को मुझसे किया गया ये वादा याद है मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी या भूल गये?
मैने सीजीएल में 25 लाख में सीट बेचने का मुद्दा उठाया था। तब अपने मेरे ही पोस्ट पर लिखा था कि युवाओं के मामले में एक भी गलती मिल जाए तो 5 नहीं 50 साल तक जेल में डाल दीजिए। आपने तब भी आवाज… https://t.co/d6MVbqoP0M pic.twitter.com/7vjNQopXed— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 18, 2026
बाबूलाल मरांडी ने X पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 6 नवंबर 2024 को किए गए उनके एक पुराने पोस्ट की याद दिलाई. उन्होंने लिखा, ‘मुझसे किया गया ये वादा याद है मुख्यमंत्री जी या भूल गये?’
बाबूलाल के मुताबिक, उस समय उन्होंने JSSC-CGL परीक्षा में कथित तौर पर पैसों के बदले सीट बेचे जाने का मुद्दा उठाया था. इसके जवाब में हेमंत सोरेन ने उनके ही सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए युवाओं से जुड़े मामले में गलती मिलने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी. अब बाबूलाल उसी पुराने बयान को आधार बनाकर मुख्यमंत्री से सवाल कर रहे हैं.
‘तब 50 साल की जेल की बात, अब CBI जांच से दूरी क्यों?’
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब उन्होंने CGL परीक्षा में 25 लाख रुपये में सीट बेचने का आरोप लगाया था, तब हेमंत सोरेन ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उस वक्त सवाल उठाने वालों को भाजपा प्रायोजित कोचिंग माफिया और PIL गैंग तक कहा गया.
अब बाबूलाल का सवाल है कि जब छात्र खुद CBI जांच की मांग कर रहे हैं तो सरकार इससे पीछे क्यों हट रही है. उन्होंने कहा कि वह किसी को 50 साल की सजा नहीं चाहते, बल्कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई चाहते हैं.

सरकार ने 14वीं JPSC समेत कई परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, लेकिन छात्रों की CBI जांच की मांग अभी बाकी है. छात्रों का कहना है कि सिर्फ परीक्षा रद्द करने से मामला खत्म नहीं होगा. कथित गड़बड़ी के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है. इसी मुद्दे पर अब बीजेपी सरकार को घेर रही है.


