Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»खबरें संसद की: कोयला पीछे, न्यूक्लियर आगे, 2047 तक 11 गुणा बढ़ेगी भारत की बिजली क्षमता
    जोहार ब्रेकिंग

    खबरें संसद की: कोयला पीछे, न्यूक्लियर आगे, 2047 तक 11 गुणा बढ़ेगी भारत की बिजली क्षमता

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkAugust 18, 2026Updated:August 18, 2026No Comments4 Mins Read3
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    विजय उरांव

    भविष्य में होने वाली बिजली खपत को देखते हुए भारत कोयले के बजाए, न्यूक्लियर एनर्जी की ओर अग्रसर है. बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. जिसको लेकर सरकार ने 2047 तक भारत की न्यूक्लियर पावर क्षमता को 100 GW यानी 1 लाख MW तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. फिलहाल देश में परमाणु ऊर्जा की क्षमता सिर्फ 8.78 GW है.

    यानी अगले दो दशकों में भारत परमाणु बिजली की अपनी क्षमता को 11 गुना से ज्यादा बढ़ाने की तैयारी में है. बढ़ती बिजली मांग और क्लीन एनर्जी की जरूरत के बीच सरकार न्यूक्लियर पावर को भविष्य के बड़े ऊर्जा स्रोत के तौर पर आगे बढ़ा रही है.

    अभी देश में कितनी परमाणु बिजली?

    केंद्र सरकार ने 12 अगस्त को लोकसभा में बताया कि देश में इस समय 24 परमाणु बिजली संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता 8,780 MW है. वर्ष 2025-26 में देश के कुल बिजली उत्पादन में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी 3.1 फीसदी रही.

    यानी अभी देश की कुल बिजली में न्यूक्लियर पावर का हिस्सा छोटा है, लेकिन सरकार आने वाले वर्षों में इसे काफी बढ़ाना चाहती है.
    संसद के मुताबिक निर्माण और कमीशनिंग के अलग-अलग चरणों में चल रही परियोजनाओं के पूरा होने के बाद परमाणु बिजली क्षमता 2031-32 तक करीब 22 GW पहुंच सकती है.

    इसके बाद 2047 तक इसे 100 GW करने का लक्ष्य है. आसान भाषा में कहें तो आज की 8.78 GW क्षमता के मुकाबले परमाणु बिजली में करीब 11 गुना से ज्यादा बढ़ोतरी की तैयारी है.

    कर्नाटक और तमिलनाडु में भी बढ़ेगा उत्पादन

    इस विस्तार में दक्षिण भारत की बड़ी भूमिका है. कर्नाटक के कैगा में चार यूनिट पहले से चल रही हैं. अब कैगा-5 और 6 की दो नई यूनिट निर्माणाधीन हैं. दोनों की क्षमता 700-700 MW है. तमिलनाडु के कुडनकुलम में चार नई यूनिट निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल क्षमता 4,000 MW है. इसके अलावा कलपक्कम में 500 MW का PFBR भी इस विस्तार का हिस्सा है. राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में भी कई परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं निर्माण या शुरुआती चरण में हैं.

    न्यूक्लियर पर इतना जोर क्यों?

    परमाणु ऊर्जा को सरकार कम-कार्बन और लगातार बिजली देने वाले स्रोत के तौर पर देख रही है. सौर और पवन ऊर्जा मौसम पर निर्भर हैं, जबकि परमाणु संयंत्र लगातार बिजली पैदा कर सकते हैं. इसी वजह से क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ते हुए सरकार परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
    हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत कोयले का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने जा रहा है. लक्ष्य ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों के बीच संतुलन बनाते हुए कम-कार्बन बिजली की हिस्सेदारी बढ़ाना है.

    साल 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार बड़े परमाणु रिएक्टरों के साथ SMR (Small Modular Reactors) पर भी जोर दे रही है. सरकार के मुताबिक SHANTI Act, 2025 के बाद लाइसेंस प्राप्त निजी भारतीय कंपनियों और ज्वाइंट वेंचर के लिए भी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भागीदारी का रास्ता खुला है.

    सुरक्षा पर भी सरकार का जोर

    परमाणु ऊर्जा के विस्तार के साथ सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है. सरकार ने कहा है कि परमाणु संयंत्रों की डिजाइन से लेकर निर्माण, संचालन और निगरानी तक हर स्तर पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. परमाणु बिजली संयंत्रों की सुरक्षा की लगातार समीक्षा और निगरानी Atomic Energy Regulatory Board यानी AERB समेत संबंधित नियामक व्यवस्था के जरिए की जाती है.

    यानी भारत की ऊर्जा कहानी में अब परमाणु शक्ति का हिस्सा तेजी से बढ़ाने की तैयारी है. 8.78 GW से शुरू होकर 2031-32 तक करीब 22 GW और फिर 2047 तक 100 GW का लक्ष्य, आने वाले वर्षों में देश के पावर सेक्टर की तस्वीर बदल सकता है.

    Also Read: जोहार लाइव एक्सक्लूसिवः जेपीएससी अध्यक्ष को जनवरी माह में ही मिल गई थी परीक्षा में घोटाले की शिकायत, दबा दिया गया मामले को

    कोल एनर्जी न्यूक्लियर न्यूक्लियर एनर्जी
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleझारखंडः नितिन नबीन की टीम में जगह पानेवाले एकमात्र नेता प्रदीप वर्मा कौन हैं?
    Next Article JPSC-JSSC आंदोलन की पहली जीत के बाद देवेंद्र महतो बोले- ‘लड़ाई अभी खत्म नहीं, अब पेपर लीक पर सरकार से चाहिए गारंटी’

    Related Posts

    क्राइम

    झारखंड : जेल में 26 साल रहने के बाद भी गैंगस्टर अनिल शर्मा की नहीं होगी रिहाई, हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को किया रद्द

    October 14, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    प्रखंड स्तर पर बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर, गांवों में बनेंगे पक्के थ्रेसिंग फ्लोर : शिल्पी नेहा तिर्की

    October 14, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    प्रधानमंत्री बनने के बाद भी बेटे का रिपोर्ट कार्ड लेने गए थे स्कूल लाल बहादूर शास्त्री, बेटे अनिल शास्त्री ने खोले राज

    October 14, 2026
    क्राइम

    झारखंडः सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में अच्छा व्यवहार मिला, रेप के आरोपी नाबालिग को जमानत, पिता को बेटे की पढ़ाई और आचरण की जिम्मेदारी

    October 14, 2026
    क्राइम

    झारखंड हाईकोर्ट का अहम फैसला: नाबालिग पर दुष्कर्म के आरोप की गंभीरता जमानत से इनकार का आधार नहीं, पिता की जिम्मेदारी पर रिहाई का आदेश

    October 14, 2026
    क्राइम

    झारखंड: IIIT के बाद अब झारखंड राय यूनिवर्सिटी के छात्र ने किया सुसाइड, राज्य में 5 साल में 10148 मामले

    October 14, 2026
    Latest Posts

    झारखंड : दुर्गा पूजा को लेकर राँची पुलिस अलर्ट, रूट प्लान और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

    October 14, 2026

    झारखंड : जेल में 26 साल रहने के बाद भी गैंगस्टर अनिल शर्मा की नहीं होगी रिहाई, हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को किया रद्द

    October 14, 2026

    प्रखंड स्तर पर बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर, गांवों में बनेंगे पक्के थ्रेसिंग फ्लोर : शिल्पी नेहा तिर्की

    October 14, 2026

    झारखंड : दुर्गा पूजा में रोशनी के लिए रांची नगर निगम ने 927 स्ट्रीट लाइटें की दुरुस्त, यहां करें खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत

    October 14, 2026

    प्रधानमंत्री बनने के बाद भी बेटे का रिपोर्ट कार्ड लेने गए थे स्कूल लाल बहादूर शास्त्री, बेटे अनिल शास्त्री ने खोले राज

    October 14, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.