Ranchi : रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने बेटे शाहिद अंसारी उर्फ शैकी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई गिरफ्तारी को लेकर डीजीपी तदाशा मिश्रा को शिकायत पत्र सौंपा है। महिला का आरोप है कि उसके बेटे को बिना किसी सूचना और बिना उचित प्रक्रिया के पुलिसकर्मियों ने उठाया और तब से उसका कोई ठिकाना स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है।
काम से लौटते समय उठा ले गई बोलेरो
शिकायत के अनुसार शाहिद 29 नवंबर की रात टाटीसिल्वे स्थित एक विवाह समारोह में इवेंट का काम कर रहा था। काम समाप्त होने के बाद वह 30 नवंबर की सुबह करीब 5 बजे अपनी मंगेतर नाज़ परवीन और अन्य स्टाफ के साथ स्कॉर्पियो से घर लौट रहा था।
कांटाटोली चौक स्थित SBI एटीएम के पास ही अचानक बिना नंबर की सफेद बोलेरो पहुंची और उसमें से उतरे कुछ लोग, जो पुलिसकर्मी बताए गए, ने शाहिद का नाम पूछते ही उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। विरोध करने पर नाज़ परवीन के साथ भी बदसलूकी की गई।
एक पुलिस अधिकारी की पहचान का दावा
नाज़ परवीन ने आरोप लगाया है कि गाड़ी में मौजूद पुलिसकर्मियों में से एक सब-इंस्पेक्टर होसेंग डांग थे। उनके विरोध करने पर उन्हें हिंदपीढ़ी थाना बुलाया गया, जहां शाहिद का मोबाइल फोन भी ले लिया गया।
थानों में भटकती रही मां
शाहिद की मां गुलशन आरा का कहना है कि उन्हें किसी भी थाना प्रभारी ने गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी। कई थानों में खोज के बाद भी शाहिद का पता नहीं चला। बाद में पता चला कि दारोगा होसेंग डांग की पोस्टिंग लातेहार के बालूमाथ थाना में है। वहां पहुंचने पर पुलिस ने शाहिद की गिरफ्तारी से साफ इनकार कर दिया और बताया कि ऐसे किसी युवक को वहां नहीं लाया गया है।
व्हाट्सएप कॉल पर हुई बात
महिला ने बताया कि काफी आग्रह के बाद सब-इंस्पेक्टर होसेंग डांग ने अपने मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल करवाया।
कॉल पर शाहिद ने बताया कि पुलिस उस पर किसी राहुल सिंह नामक व्यक्ति के लिए काम करने और 35 लाख रुपये ट्रांसफर करने का आरोप लगा रही है, जबकि वह इस व्यक्ति को जानता तक नहीं। उसके खाते में सिर्फ छोटे-मोटे लेनदेन ही होते हैं।
टॉर्चर की आशंका
परिजनों को डर है कि शाहिद को थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया जा रहा है या उसे किसी गलत मामले में फंसाया जा सकता है, क्योंकि न तो उसे परिजनों से मिलाया जा रहा है, न ही उसके खिलाफ दर्ज किसी मामले की जानकारी दी जा रही है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
महिला ने डीजीपी से शाहिद की संदिग्ध गिरफ्तारी की उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया है। साथ ही बेटे को सुरक्षित रूप से मुक्त कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार ने कहा कि जब तक शाहिद का सुरक्षित सुराग नहीं मिलता, उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।

