Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»‘आप हमेशा पर्यावरण संरक्षण के लिए मार्गदर्शक बनी रहेंगे’, वृक्ष माता तुलसी गौड़ा के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक; जानें कौन थीं ‘जंगलों की एनसाइक्लोपीडिया’ आदिवासी महिला
    जोहार ब्रेकिंग

    ‘आप हमेशा पर्यावरण संरक्षण के लिए मार्गदर्शक बनी रहेंगे’, वृक्ष माता तुलसी गौड़ा के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक; जानें कौन थीं ‘जंगलों की एनसाइक्लोपीडिया’ आदिवासी महिला

    Team JoharBy Team JoharDecember 18, 2024Updated:December 18, 2024No Comments2 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    करवार : पद्मश्री से सम्मानित और वृक्ष माता के नाम से प्रसिद्ध तुलसी गौड़ा का 86 वर्ष की उम्र में सोमवार को निधन हो गया. वह वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों से जूझ रही थीं. उत्तर कन्नड़ जिले के अंकोल तालुक स्थित उनके गृह गांव हंनाली में उन्होंने अंतिम सांस ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तुलसी गौड़ा हमेशा पर्यावरण संरक्षण के लिए मार्गदर्शक बनी रहेंगी.

     

    कौन थीं तुलसी गौड़ा

    तुलसी गौड़ा हलक्की आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती थीं. वे एक ऐसी महिला थीं जिन्होंने कभी स्कूल की दहलीज नहीं चढ़ी, लेकिन उनकी प्रकृति से गहरी पहचान और प्रेम ने उन्हें वृक्षारोपण का अद्भुत ज्ञान दिया. अपनी जीवन यात्रा में उन्होंने एक लाख से अधिक पौधे लगाए, जिनमें से कई आज बड़े वृक्ष बन चुके हैं.

    पद्मश्री, इंदिरा प्रियदर्शिनी व वृक्ष मित्र जैसे पुरस्कार से सम्मानित

    पद्मश्री पुरस्कार के अलावा, तुलसी गौड़ा को इंदिरा प्रियदर्शिनी और वृक्ष मित्र जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया. वन विभाग में अपने 14 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने अंकोला और आसपास के क्षेत्रों में हजारों पेड़ लगाए और उनका संरक्षण किया. रिटायरमेंट के बाद भी उनका पौधरोपण कार्य जारी रहा.

    उनके लिए हर पौधा उनकी संतान जैसा था

    ‘जंगलों की एनसाइक्लोपीडिया’ के नाम से मशहूर तुलसी गौड़ा का पर्यावरण संरक्षण के प्रति अगाध प्रेम आदिवासी समुदाय से विरासत में मिला था. वे न केवल पौधों को लगाने, बल्कि उनकी देखभाल भी करती थीं और उनका हर पौधा उनके लिए संतान जैसा था. उनके ज्ञान का खजाना न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अमूल्य था.

    https://x.com/narendramodi/status/1868875490523501052

    Ankola Ayurvedic Benefits Biodiversity Contribution of Tulsi Gowda. Environmental Protection forest department Forest Nursery Halakki Community Hannali Indira Priyadarshini Karnataka Love for Nature Natural Consumption Nature Lover Padmashree Passion for Planting Trees Plantation Prime Minister Modi Traditions Related to Environment Tribal Costume tribal culture Tribal Festival Tulsi Gowda Uttara Kannada Vriksha Mata Vriksha Mitra Award अंकोला आदिवासी त्योहार आदिवासी वेशभूषा आदिवासी संस्कृति आयुर्वेदिक लाभ इंदिरा प्रियदर्शिनी उत्तर कन्नड़ कर्नाटका जैव विविधता तुलसी गौड़ा तुलसी गौड़ा का योगदान पद्मश्री पर्यावरण संरक्षण पर्यावरण से जुड़ी परंपराएं पेड़ लगाने का जुनून पौधरोपण प्रकृति प्रेमी प्रधानमंत्री मोदी प्राकृतिक उपभोग प्राकृतिक प्रेम वन नर्सरी वन विभाग वृक्ष माता वृक्ष मित्र पुरस्कार हंनाली हलक्की समुदाय
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleदेर रात फायरिंग से दहला रांची का यह इलाका, पुलिस ने खोखा बरामद किया, आरोपी फरार
    Next Article रांची में अब B.Com की छात्रा से छेड़खानी, इस बार पुलिस ने रखा 5000 रुपए का ईनाम

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : रांची का बदलेगा पूरा शहरी ढांचा, CM हेमंत ने हर वार्ड में वेंडर मार्केट बनाने का दिया निर्देश

    September 2, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : मतदाता पंजीकरण और वोटर लिस्ट पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, पहले दिन पैनल चर्चा समेत छह तकनीकी सत्र

    September 2, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    फेस अटेंडेंस से वेतन जोड़ने के फरमान पर भड़के रिम्स के जूनियर डॉक्टर, डीन को थमाया विरोध का ज्ञापन

    September 2, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड हाईकोर्ट : विभागीय परीक्षा से बने दरोगाओं के प्रमोशन पर क्यों लगी रोक? समझिए 2017 के दो विज्ञापनों का पूरा खेल

    September 2, 2026
    JPSC / JSSC

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव : जिस एजेंसी को जेपीएससी एग्जाम का काम ही नहीं मिला, उसने कंडक्ट करा दिए 10 एग्जाम

    September 2, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    नेपाल बाढ़ : विदेशी मदद से इनकार की बात गलत, PM बालेंद्र शाह बोले- जरूरत के हिसाब से लिया विदेशी सहयोग

    September 2, 2026
    Latest Posts

    झारखंड : रांची का बदलेगा पूरा शहरी ढांचा, CM हेमंत ने हर वार्ड में वेंडर मार्केट बनाने का दिया निर्देश

    September 2, 2026

    झारखंड : मतदाता पंजीकरण और वोटर लिस्ट पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, पहले दिन पैनल चर्चा समेत छह तकनीकी सत्र

    September 2, 2026

    फेस अटेंडेंस से वेतन जोड़ने के फरमान पर भड़के रिम्स के जूनियर डॉक्टर, डीन को थमाया विरोध का ज्ञापन

    September 2, 2026

    झारखंड हाईकोर्ट : विभागीय परीक्षा से बने दरोगाओं के प्रमोशन पर क्यों लगी रोक? समझिए 2017 के दो विज्ञापनों का पूरा खेल

    September 2, 2026

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव : जिस एजेंसी को जेपीएससी एग्जाम का काम ही नहीं मिला, उसने कंडक्ट करा दिए 10 एग्जाम

    September 2, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.