Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    15 Feb, 2026 ♦ 3:54 PM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»जोहार ब्रेकिंग»मजदूरों को 15 दिन के भीतर उनके इच्छित स्थानों पर भेजा जाये: सुप्रीम कोर्ट
    जोहार ब्रेकिंग

    मजदूरों को 15 दिन के भीतर उनके इच्छित स्थानों पर भेजा जाये: सुप्रीम कोर्ट

    Team JoharBy Team JoharJune 9, 2020No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Joharlive Desk

    नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न प्रांतों में फंसे मजदूरों को 15 दिन के भीतर उनके इच्छित स्थानों पर भेजने का मंगलवार को आदेश दिया।

    न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने प्रवासी मजदूरों की बदहाली पर स्वत: संज्ञान वाली याचिका पर अपना बहुप्रतीक्षित आदेश सुनाते हुए कहा कि पलायन करने का मन बना चुके प्रवासी मजदूरों को आज से 15 दिन के भीतर अपने गांव या उनके इच्छित स्थान पर भेजने का समुचित इंतजाम किया जाये।

    न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकारों के अनुरोध पर रेलवे 24 घंटे के भीतर श्रमिक स्पेशल ट्रेन उपलब्ध करायेगी। खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अपने घर जाने की जद्दोजहद में लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले मजदूरों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिये जाएंगे।

    खंडपीठ ने पलायन किये सभी श्रमिकों की पहचान करके पूरी विस्तृत जानकारी वाला डाटा तैयार करने का निर्देश दिया तथा कहा कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश घर लौटे मजदूरों के लिए रोजगार की योजना तैयार करेंगे और इसकी जानकारी गांव और प्रखंड स्तर तक यथाशीघ्र पहुंचाएंगे। परामर्श केंद्र इन योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

    शीर्ष अदालत ने इन मजदूरों की स्किल मैपिंग करने का भी आदेश दिया है, ताकि उन्हें उनके कौशल के अनुरूप रोजगार मिल सके। न्यायालय ने आठ जुलाई को इन योजनाओं और रोजगार सृजन से संबंधित जानकारी से उसे अवगत कराने का राज्यों को निर्देश दिया है।

    खंडपीठ ने गत पांच जून को सभी सम्बद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई करने वाली खंडपीठ में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह शामिल हैं।

       गौरतलब है कि गत शुक्रवार को हुई मैराथन सुनवाई के दौरान न्यायालय ने लॉकडाउन की वजह से पलायन कर रहे कामगारों को उनके पैतृक स्थानों तक पहुंचाने के लिए केन्द्र और राज्यों को 15 दिन का समय देने का संकेत दिया था।

    केन्द्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया था कि प्रवासी श्रमिकों को उनके पैतृक स्थान तक पहुंचाने के लिए तीन जून तक 4,270 ‘विशेष श्रमिक ट्रेन’ चलाई गयी हैं। श्री मेहता ने कहा था कि अभी तक एक करोड़ से ज्यादा श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया है और अधिकांश रेलगाड़ियां उत्तर प्रदेश और बिहार गयी हैं।

    श्री मेहता ने कहा था कि राज्य सरकारें बता सकती हैं कि अभी और कितने प्रवासी कामगारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है तथा इसके लिए कितनी रेलगाड़ियों की जरूरत होगी? उन्होंने बताया था कि राज्य सरकारों ने जो जानकारी उपलब्ध करायी है उसके आधार पर चार्ट तैयार किया गया है। अभी 171 रेलगाड़ियों की और जरूरत है।

    इस बीच विभिन्न राज्यों के वकीलों ने खंडपीठ के समक्ष लेखाजोखा रखा था। महाराष्ट्र सरकार ने बताया था कि 11 लाख मज़दूरों को वापस भेजा जा चुका है, 38 हजार को भेजा जाना बाकी है। गुजरात सरकार ने कहा था कि 22 लाख में से 20.5 लाख प्रवासी मजदूरों को वापस भेजा जा चुका है।

    दिल्ली सरकार ने कहा था कि दो लाख लोग ऐसे हैं जो यहीं रहना चाहते हैं। सिर्फ 10 हज़ार अपने राज्य लौटने की इच्छा जता रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि वह लोगों से किराया नहीं ले रही। कुल 104 ट्रेन चलाई गई और एक लाख 35 हजार लोगों को अलग-अलग साधन से वापस भेजा गया। वकील ने कहा था कि 1664 श्रमिक ट्रेन से 21 लाख 69 हज़ार लोगों को उत्तर प्रदेश वापस लाया गया। दिल्ली सीमा से बस के ज़रिये साढ़े पांच लाख लोगों को वापस लाया गया।

    बिहार सरकार की ओर से पेश रंजीत कुमार ने कहा था कि 28 लाख लोग वापस आ चुके हैं। सरकार उन्हें रोज़गार देना चाहती है और इसके लिए 10 लाख लोगों की स्किल मैपिंग की गई है। राजस्थान सरकार ने कहा था कि उसने अब तक सात करोड़ रुपये के आसपास खर्च किया है।

    पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा था कि राज्य में तीन लाख 97 हजार 389 प्रवासी मजदूर अभी मौजूद हैं। इस पर केन्द्र ने कहा था कि पश्चिम बंगाल को सिर्फ प्रवासी मजदूरों की जानकारी है जो बंगाल में मौजूद हैं। राज्य सरकार को इस बारे में जानकारी नहीं है कि कितने मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं, जो अपने गृह राज्य आना चाहते हैं।

    न्यायालय ने सभी राज्यों का जवाब सुनने के बाद फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।

    Latest news Migrant Laborers National news Online news
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleट्रंप ने कहा, महात्मा गांधी की प्रतिमा को विकृत करना ‘अपमानजनक’
    Next Article अभिभावकों को अब 12 माह की जगह देना होगा 10 माह का स्कूल व 9 माह का बस फीस

    Related Posts

    देश

    अग्निवीर भर्ती 2026 : ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू

    February 15, 2026
    देश

    चारधाम यात्रा का शुभारंभ करीब, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथियां तय

    February 15, 2026
    देश

    नया आधार ऐप : डिजिटल पहचान अब और आसान और सुरक्षित

    February 15, 2026
    Latest Posts

    गुमला में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ : पुलवामा के वीरों को श्रद्धांजलि, झारखंड की प्रतिभाओं को मिला सम्मान

    February 15, 2026

    झारखंड निकाय चुनाव : बूथ पर हुई कोई भी गड़बड़ी, तो जा सकती है नौकरी

    February 15, 2026

    मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर रेलखंड पर हादसा, बुजुर्ग महिला की मौके पर मौत

    February 15, 2026

    नया परिसर, पुरानी विरासत : झारखंड हाई कोर्ट का “लीगल टाइम मशीन”

    February 15, 2026

    जहानाबाद में तेज रफ्तार कार ने परिवार को कुचला, दो की मौत, चार घायल

    February 15, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.