रांची: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर झारखंड आदिवासी महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन कर रहे युवाओं और छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय होगा. उन्होंने कहा कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी को सरकार ने पकड़ लिया है और जिसने भी गड़बड़ी की है, उसे कड़ी सजा मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य के कुछ युवा और छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. सरकार उनकी बात खुले मन से सुन रही है. उन्होंने कहा कि आप छात्र हैं. आपका हक है कि आपको आपका अधिकार मिले और न्याय मिले. यह सरकार की जिम्मेदारी है और यह काम पूरा होकर रहेगा.
बात रखने के लिए राजनीतिक दल की जरुरत नहीं
उन्होंने युवाओं से कहा कि अपनी बात रखने के लिए किसी राजनीतिक दल के सहारे की जरूरत नहीं है. सरकार खुद उनकी बात सुनने को तैयार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक चश्मे से देखने की जरूरत नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार सिर्फ धरने और आंदोलन के जरिए युवाओं की बात सुनने तक सीमित नहीं रहेगी. अलग-अलग माध्यमों से यह जानने की कोशिश होगी कि घर बैठे युवा क्या सोच रहा है, उसकी क्या परेशानी है और वह सरकार से क्या चाहता है. इसके आधार पर व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का हल लाठी-डंडे से नहीं निकलता. बातचीत और संविधान के रास्ते से ही समाधान निकलेगा. अपने ही लोगों के साथ बल प्रयोग करने से समस्या खत्म नहीं होती, बल्कि नुकसान बढ़ता है.
बूढ़ा नहीं हूं, आपकी चिंता मेरी चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भी कोई बूढ़ा नहीं हूं साथियों. मैं भी आप लोगों की उम्र के आसपास का हूं. आपकी भावनाएं और आपकी चिंता मेरी चिंता है. उन्होंने भरोसा दिया कि संवैधानिक पद पर रहते हुए युवाओं के साथ पारदर्शिता से न्याय किया जाएगा और न्याय होते हुए दिखाई भी देगा.

विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और गौरव का दिन है. इसी पहचान और विरासत को बचाने के लिए झारखंड आदिवासी महोत्सव की शुरुआत की गई थी. महोत्सव में झारखंड के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए आदिवासी कलाकार, कारीगर और दूसरे लोग अपनी संस्कृति और परंपरा की झलक दिखा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की धरती है. यहां के पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है. उन्होंने युवाओं से अपनी पहचान, अधिकार और झारखंड के हितों के प्रति सजग रहने की अपील की.
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