पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के पाटाशपुर में तृणमूल कांग्रेस की एक पूर्व महिला नेता और उनकी बहू के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा है. चार लोगों के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराई गई है. आरोपियों को भाजपा का स्थानीय कार्यकर्ता बताया गया है. घटना के बाद चारों के फरार होने की बात सामने आई है.
वर्तमान पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना पाटाशपुर थाना क्षेत्र के आरग्वाल ग्राम पंचायत के टोनियाबिला गांव की है. शनिवार की रात करीब एक से दो बजे के बीच चार लोग कथित तौर पर घर में घुसे. आरोप है कि रसोई की खिड़की उखाड़कर घर में प्रवेश करने के बाद उन्होंने दोनों महिलाओं के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया. इसके बाद दोनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है.
किसी तरह भागी पीड़िता
रिपोर्ट के अनुसार, सुबह बहू किसी तरह अपने हाथ का बंधन खोलकर घर से बाहर निकली और शोर मचाया. इसके बाद पड़ोसी पहुंचे और दोनों महिलाओं को मुगबेड़िया ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया. दोनों के शरीर पर नाखून से खरोंच के निशान मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है. अस्पताल से लौटने के बाद पूर्व तृणमूल नेता ने थाने में FIR दर्ज कराई.
वर्तमान पत्रिका के अनुसार, आरोपियों में नाड़ुआबिला गांव के भाजपा बूथ कमेटी नेता बिमल गायेन और भाजपा कार्यकर्ता शंकर भुइयां, पिंटू जाना तथा तापस मंडल के नाम शामिल हैं. FIR दर्ज होने के बाद चारों के फरार होने की बात कही गई है और उनके ओडिशा चले जाने की आशंका जताई गई है. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
तृणमुल ने आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया
तृणमुल कांग्रेस के औपचारिक X हैंडल इसे बंगाल से दिल दहला देने वाली खबर बताया, उन्होंने लिखा कि चार बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दो महिलाओं के साथ उनके ही घर में गैंगरेप किया और यह घटना कहाँ हुई? मुख्यमंत्री सुभेंदू अधिकारी के गृह जिले में.
तृणमुल ने कहा इसके बावजुद कोई आक्रोश नहीं. कोई विरोध प्रदर्शन नहीं. नेशनल मीडिया में कोई हलचल नहीं. और न ही राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से कोई तत्काल दौरा हुआ है. सबसे अहम बात, मुख्यमंत्री की ओर से पूरी तरह चुप्पी – जबकि उन्होंने अपराधों से निपटने के लिए “जोमा-खोरोच मॉडल” के बड़े-बड़े वादे किए थे.

टीएमसी ने आरोप लगया कि क्या वह इन बलात्कारियों को बचा रहे हैं क्योंकि वे बंगाल बीजेपी के कार्यकर्ता हैं? बीजेपी ने बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा का वादा किया था. लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है.
राजनीति छोड़ कपड़े के कारोबार में लगी थी
आनंदबाजार पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित महिला 2013 से 2018 तक पंचायत समिति स्तर पर तृणमूल कांग्रेस की नेता रही थीं. बाद में उन्होंने राजनीति छोड़ दी और कपड़े का कारोबार करने लगीं. उनके पति काम के सिलसिले में कोलकाता और बेटा गुजरात में रहता है. घटना के समय घर में दोनों महिलाएं ही थीं.
हालांकि, भाजपा ने आरोपियों से पार्टी संबंध होने से इनकार किया है. भाजपा के जिला सचिव स्वपन दास ने कहा कि आरोपियों का पार्टी से कोई संबंध नहीं है और पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं पीड़ित महिला के पति ने आरोप लगाया कि हमलावर भाजपा के करीबी हैं और घटना पूर्व नियोजित थी.
पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक अंशुमान साहा ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है. पुलिस के अनुसार दोनों महिलाओं का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है.
घटना के विरोध में स्थानीय महिलाओं ने मशाल जुलूस निकाला. रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती दौर में मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है.

