जोहार लाइव ब्यूरो
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थानीय नेता विकास प्रभाकर की लक्षित हत्या के मामले में वांछित चल रहे आरोपी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू (पुत्र चमन लाल) को गिरफ्तार कर लिया है.संयुक्त अरब अमीरात से डिपोर्ट किए जाने के बाद उसे 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया.
जानकारी यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ के सदस्यों द्वारा विकास प्रभाकर की हत्या से जुड़ा है. एनआईए ने इस मामले को 9 मई 2024 को दर्ज किया था और अब तक तीन चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं.
यूएई से डिपोर्टेशन: भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों के बाद आरोपी हरविंदर कुमार को यूएई से भारत लाया गया. गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया.
साजिश और भूमिका: एनआईए जांच से पता चला है कि जर्मनी स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल ऑपरेटिव्स हरजीत सिंह उर्फ लड्ढी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश रची थी. यूएई से सक्रिय हरविंदर कुमार इस साजिश में मुख्य लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर और फाइनेंसर के रूप में शामिल था.
हथियार और फंडिंग: आरोपी ने शूटर्स को हथियार उपलब्ध कराने, उनकी डिलीवरी में मदद करने और जर्मनी में बैठे आतंकियों के निर्देश पर टेरर फंडिंग (terror funds) प्राप्त करने और ट्रांसफर करने का काम किया था.

अन्य गिरफ्तारियां: इस मामले में एनआईए ने इससे पहले 13 अगस्त 2026 को एक अन्य यूएई-आधारित आरोपी मनवीर राम को अमृतसर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था, जो हथियार सप्लाई करने में शामिल था.
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के मामलों में शामिल फरार आरोपियों को देश वापस लाकर कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए उनकी यह कार्रवाई लगातार जारी है. मामले की आगे की जांच अभी भी जारी है.

