Chatra : झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी में अंचल अधिकारी (सीओ) सविता सिंह का एक युवक को लाठी से मारते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के समय मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। इसी वीडियो को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आने लगी है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस मामले को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) और फेसबुक पर पोस्ट किया है।पर उठाया है। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि पुलिस की मौजूदगी में एक महिला सीओ द्वारा युवकों के सिर पर डंडे से प्रहार करना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारियों से हमेशा संयम, संवेदनशीलता और कानून के मुताबिक आचरण की उम्मीद की जाती है।
“कानून हाथ में लेना सही नहीं”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिन लोगों के कंधों पर कानून लागू कराने की जिम्मेदारी होती है, अगर वही कानून हाथ में लेने लगें तो यह व्यवस्था की मूल भावना पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर संबंधित युवकों से कोई गलती हुई थी तो उसके लिए कानूनी कार्रवाई के स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं। लेकिन बीच सड़क इस तरह सार्वजनिक रूप से किसी को प्रताड़ित करना न तो न्यायसंगत है और न ही प्रशासनिक मर्यादा के अनुरूप है।
निलंबन और एफआईआर की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इससे प्रशासन की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने चतरा के उपायुक्त से मांग की है कि संबंधित सीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद जिले में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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