लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के स्वागत कार्यक्रम को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. इस कार्यक्रम में भगवान हनुमान का रूप धरे एक कलाकार के डांस करने पर VHP यानी विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी आपत्ति जताई है. वीएचपी ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
दरअसल, बीते चार जुलाई को नितिन नबीन के लखनऊ पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली थी. इसी शोभायात्रा के दौरान रथ के आगे हनुमान का भेष धारण किए कलाकार के नाचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। उसके हाथ में बीजेपी का झंडा भी था. वीडियो सामने आते ही हिंदूवादी संगठन भड़क गए और मामले ने तूल पकड़ लिया.
इस पूरे मामले पर वीएचपी के केंद्रीय मंत्री अम्बरीश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपनी तीखी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा, “किसी भी राजनीतिक या सार्वजनिक कार्यक्रम में भगवान के रूप का इस तरह इस्तेमाल करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है. अम्बरीश ने लिखा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की स्वागत शोभायात्रा में रथ के आगे श्री हनुमान जी की प्रतिकृति का नृत्य कराना घोर निंदनीय दुष्कृत्य है। जिन्होंने भी इस कार्यक्रम की प्लानिंग की थी, उन्हें चिन्हित कर दंडित किया जाना चाहिए। बीजेपी को भविष्य में इस तरह के आयोजनों से अपने तथाकथित ‘इवेंट मैनेजरों’ को दूर रखना चाहिए.”
वीएचपी नेता ने महाभारत का उदाहरण देते हुए आगे लिखा कि हनुमान जी अर्जुन के रथ के शीर्ष पर विराजमान थे, तब धर्म की विजय हुई थी. इस बात को हमेशा याद रखना चाहिए. हिंदू समाज को बीजेपी से बहुत उम्मीदें हैं, इसलिए पार्टी की जिम्मेदारी भी बड़ी हो जाती है. वीएचपी ने मांग की है कि इस मामले में तुरंत जवाबदेही तय की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा न दोहराया जाये.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ रोड शो में हनुमान जी का रूप धरे कलाकार द्वारा पार्टी का झंडा लेकर नाचने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अलावा विपक्ष के कई बड़े नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कानूनी जानकारों ने इस मुद्दे पर बीजेपी को चौतरफा घेरा है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना पर बेहद कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो का हवाला देते हुए लिखा, “जितना नुकसान और अपमान बीजेपी ने हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के 5,000 साल के इतिहास में बाहर से आने वाले आक्रांताओं ने भी नहीं किया होगा.”
वहीं आप राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, “चुनावी फायदे और मनोरंजन के लिए भगवान के पवित्र स्वरूप का ऐसा राजनीतिक इस्तेमाल हमारी आस्था का सीधा अपमान है. उन्होंने कर्नाटक चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इन्होंने बजरंगबली के नाम पर प्रपंच रचा था, तब हनुमान जी ने खुद इन्हें सबक सिखाया था.”
राजनीतिक दलों के अलावा यह मामला अब कानूनी पचड़े में भी फंस गया है. चंडीगढ़ में एडवोकेट वासु रंजन ने इस मामले को लेकर बकायदा एक शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि भगवान हनुमान हिंदुओं के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं. राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए उनकी वेशभूषा का इस्तेमाल भक्तों की धार्मिक भावनाओं का सीधा अपमान है. एडवोकेट ने कहा, “यह घटना राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई है. इसलिए इस कृत्य की इजाजत देने वाले सभी सीनियर नेताओं, इवेंट मैनेजरों और आयोजकों के आचरण की जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.”
मशहूर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है. सोशल मीडिया पर नेहा ने कहा, “जिस भगवान के सामने पूरा देश सिर झुकाता है, हनुमान चालीसा पढ़ता है, उन्हें किसी पार्टी के नेता की गाड़ी के आगे झंडा पकड़ाकर नचाना बेहद आपत्तिजनक और अफसोसजनक है. मनोरंजन और राजनीति के लिए प्रभु के स्वरूप की मर्यादा को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए.”
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