Jamtara : नालसा के निर्देश पर चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत जामताड़ा में जिला व्यवहार न्यायालय के सभी न्यायिक और प्रशासनिक पदाधिकारी सड़क पर उतरे। उन्होंने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशा मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।
रैली की शुरुआत जिला व्यवहार न्यायालय के परिसर से हुई और शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए अंत में पुनः न्यायालय परिसर में समाप्त हुई। रैली में न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता, जिला प्रशासन के अधिकारी, डीसी और एसडीओ सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने हाथ में बैनर और पोस्टर लेकर “नो ड्रग्स” के नारों के साथ लोगों को जागरूक किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण ने कहा कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के खतरों के प्रति सजग करना है। जिला सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिन पवन कुमार और फैमिली जज राजेश कुमार ने भी रैली के आयोजन और उद्देश्य की जानकारी दी।
इसी कड़ी में धनबाद सिविल कोर्ट में भी पदयात्रा आयोजित की गई। यह कार्यक्रम झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत चलाए जा रहे ‘DAWN’ अभियान का हिस्सा था। पदयात्रा कोर्ट परिसर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए वापस न्यायालय परिसर में समाप्त हुई। इसमें न्यायिक पदाधिकारी, पारा लीगल वॉलंटियर, पैनल अधिवक्ता और आम लोग शामिल हुए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाल कृष्ण तिवारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज का दुश्मन है। यह सेहत और परिवार दोनों को बर्बाद करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और स्वस्थ जीवन अपनाएं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनों ने बताया कि झारखंड में लगातार सामाजिक कुरीतियों और कानूनी जागरूकता के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है।

