Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»कुड़मी समाज की एसटी मांग के खिलाफ आदिवासी संगठनों का विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
    झारखंड

    कुड़मी समाज की एसटी मांग के खिलाफ आदिवासी संगठनों का विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

    Team JoharBy Team JoharSeptember 22, 2025Updated:September 22, 2025No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    कुड़मी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : कुड़मी समाज की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के खिलाफ झारखंड के आदिवासी संगठन एकजुट हो रहे हैं। सोमवार को आदिवासी बचाओ संघर्ष समिति के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने कुड़मी समाज की मांग को बेबुनियाद बताते हुए एक ज्ञापन सौंपा और आंदोलन से हुई आर्थिक क्षति की वसूली का सुझाव दिया।

    रांची : कुड़नी को आदिवासी समाज के दर्जे पर सियासत #Jharkhand #JharkhandNews pic.twitter.com/YyyF7RPcxh

    — Zee Bihar Jharkhand (@ZeeBiharNews) September 22, 2025

    ज्ञापन में क्या कहा गया?

    आदिवासी संगठनों ने झारखंड जनजाति शोध संस्थान (टीआरआई) के 2004 के शोध पत्र ‘Ethnographic Study Report’ का हवाला दिया। इसमें काका कालेलकर कमेटी (1955) और लोकुर कमेटी (1965) के मानदंडों के आधार पर कुड़मी समाज के दावे को खारिज किया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संसद और झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा की विधानसभाओं में कई बार यह मांग उठी, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं ने इसे बार-बार निरस्त किया। संगठनों ने आरोप लगाया कि कुड़मी समाज अब राजनीतिक दबाव की रणनीति अपना रहा है। 2022 के आंदोलन से लाखों यात्रियों को परेशानी हुई और रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    तथ्यों के साथ दावे पर सवाल

    ज्ञापन के साथ कई दस्तावेज संलग्न किए गए, जिनमें इंद्रदेव सिंह की किताब ‘कूर्मवंशी क्षत्रिय का इतिहास’, के.एस. सिंह की ‘ट्राइबल मूवमेंट ऑफ इंडिया’, बंगाल डिस्ट्रिक्ट गजेटियर संथाल परगना (1910), कुर्मी क्षत्रिय हिंदू सेंसस रिपोर्ट (1921) और 2021 में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद द्वारा मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र शामिल है। इनसे कुड़मी समाज के आदिवासी होने के दावे को चुनौती दी गई।

    आदिवासी नेताओं की दलील

    मुलाकात के बाद अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की गीताश्री उरांव, आदिवासी महासभा के संयोजक देव कुमार धान और आदिवासी जन परिषद के अध्यक्ष प्रेम साही मुंडा ने मीडिया से बात की। गीताश्री उरांव ने कहा कि राज्यपाल ने बताया कि तीन दशक के संसदीय अनुभव में उन्होंने कभी कुड़मी समाज की मांग को जोर-शोर से उठते नहीं देखा। प्रेम साही मुंडा ने कहा, “केंद्र सरकार के 18 मानदंडों में से कुड़मी समाज कोई भी पूरा नहीं करता। टीआरआई ने उनकी मांग खारिज की है। इनका आदिवासी गोत्र या भाषाओं से कोई संबंध नहीं है।”

    आंदोलन का प्रभाव

    20 सितंबर से शुरू हुए कुड़मी समाज के रेल रोको आंदोलन से झारखंड, बंगाल और ओडिशा में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आदिवासी संगठनों ने चेतावनी दी कि कुड़मी समाज की मांग पूरी होने से असली आदिवासियों के हितों को नुकसान होगा। वे इस मुद्दे पर आगे भी विरोध जारी रखने की बात कह रहे हैं।

    Tribal organizations protest against the ST demand of the Kudmi community tribal organizations submitted a memorandum to the Governor against the ST demand of the Kudmi community. कुड़मी समाज की एसटी मांग के खिलाफ आदिवासी संगठनों का विरोध
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous ArticleIBPS RRB भर्ती 2025: 13,294 पदों पर निकली वैकेंसी, आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी
    Next Article दिल्ली में झारखंडी छात्रों के लिए बनेगा UPSC छात्रावास, मंत्री चमरा लिंडा ने की घोषणा…

    Related Posts

    क्राइम

    झारखंड : चेन स्नैचरों से रांची पुलिस की मुठभेड़, रंगीला के पैर में लगी गोली; 5 सोने की चेन बरामद

    October 4, 2026
    खेल-सिनेमा

    हॉकी खिलाड़ियों से मिले हेमंत सोरेन, कहा- शानदार, झारखंड की हमारी बेटियों ने कर दिया कमाल

    October 4, 2026
    आदिवासी

    अंतिम आदिवासी भाग-1: आदिम जनजाति कोरवा भी हो रहे अब छुआछूत के शिकार, स्कूल में बरतन अलग, गांव में पानी भरने का समय अलग

    October 4, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    1857 का वो योद्धा, जिसे इतिहास भूल गया : डोरंडा से चतरा तक जयमंगल पांडेय की आखिरी लड़ाई

    October 4, 2026
    क्राइम

    जोहार लाइव ने जिन दो भाइयों के नाम पहले उजागर किए, उन्हें सीआईडी ने किया गिरफ्तार, 14वीं जेपीएससी पीटी धांधली में भेजे गए जेल

    October 4, 2026
    खेल-सिनेमा

    झारखंड: हॉकी में गोल्ड लेकर रांची पहुंचीं झारखंड की चारों बेटियां, हुआ भव्य स्वागत

    October 4, 2026
    Latest Posts

    झारखंड : चेन स्नैचरों से रांची पुलिस की मुठभेड़, रंगीला के पैर में लगी गोली; 5 सोने की चेन बरामद

    October 4, 2026

    SIR में मतदाताओं के नाम हटने पर बोले पूर्व जस्टिस नरिमन- ऐसे काम करने वाला चुनाव आयोग नहीं हो सकता

    October 4, 2026

    हॉकी खिलाड़ियों से मिले हेमंत सोरेन, कहा- शानदार, झारखंड की हमारी बेटियों ने कर दिया कमाल

    October 4, 2026

    अंतिम आदिवासी भाग-1: आदिम जनजाति कोरवा भी हो रहे अब छुआछूत के शिकार, स्कूल में बरतन अलग, गांव में पानी भरने का समय अलग

    October 4, 2026

    जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों से कथित यौन बदसलूकी, क्राइम ब्रांच करेगी जांच; राहुल गांधी ने पूछा- ‘अमित शाह जी, कहां हैं?’

    October 4, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.