Ramgarh : झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले की कड़ी अब रामगढ़ तक पहुंच गई है। बोकारो और हजारीबाग में करोड़ों के घोटाले के बाद रामगढ़ जिले में भी करीब 35 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला उजागर हुआ है। उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के निर्देश पर पशुपालन विभाग के पदाधिकारी डॉ. लाल बिहारी प्रसाद ने विभाग के पूर्व लेखापाल मुनिंद्र कुमार के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपी फिलहाल कांके, रांची स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन में लेखापाल के पद पर कार्यरत है।
जांच में सामने आया कि मुनिंद्र कुमार ने वेतन मद में फर्जी तरीके से कुल 34,25,556 रुपये की निकासी की। इसके लिए उसने पोकली उरांव नाम के एक काल्पनिक कर्मचारी को कुबेर पोर्टल पर पंजीकृत किया। इस फर्जी नाम के जरिए अगस्त 2021 से जनवरी 2022 के बीच एक्सिस बैंक, दीपाटोली शाखा के खाते में 10,91,556 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा, आरोपी ने अपने ही खाते में अगस्त 2014 से दिसंबर 2021 तक वेतन और एरियर के नाम पर 23,34,000 रुपये की निकासी की।
डीसी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने मामले की पड़ताल की, जिसमें अपर समाहर्ता कुमारी गीतांजलि, उप निर्वाचन पदाधिकारी रविंद्र कुमार गुप्ता और जिला कोषागार पदाधिकारी मंजू एक्का शामिल थे। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज गायब पाए गए, यहां तक कि आरोपी का अंतिम वेतन प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं हुआ।
कमेटी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि यदि वेतन भुगतान पंजी और बिल राशि का ठीक से मिलान किया जाता, तो यह गड़बड़ी पहले ही पकड़ में आ सकती थी। आरोपी ने वेतन सूची में छेड़छाड़ कर राशि को बढ़ाकर दिखाया, जिससे प्रथम दृष्टया डीडीओ को अंतर का पता नहीं चल सका।
जांच में यह भी पुष्टि हुई कि पोकली उरांव नाम का कोई कर्मचारी विभाग में कभी कार्यरत नहीं रहा। साथ ही, बोकारो में 3.15 करोड़ और हजारीबाग में 15.41 करोड़ रुपये के घोटाले का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में अपने खाते में कई किश्तों में रकम ट्रांसफर की, जिससे पूरे मामले में सुनियोजित गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
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