Ranchi : मौसीबाड़ी खटाल मल्लारकोचा से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका के मामले में 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से लोगों में गहरी चिंता है। इसी को लेकर आज 7 जनवरी 2026 को अंश-अंशिका के पिता सुनील यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्थानीय लोगों के साथ-साथ रांची शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने बच्चों की सुरक्षित वापसी न होने पर चिंता जताई। लोगों का कहना था कि जब से जनसमूह ने आंदोलन की घोषणा की है, तब से प्रशासन की कार्रवाई में कुछ तेजी आई है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक अंश और अंशिका की सकुशल घर वापसी नहीं होती, तब तक ठोस रणनीति के तहत आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए “अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति” के गठन का निर्णय लिया गया है। समिति के तहत आगे के सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में 35 सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन किया गया। जनसमूह का नेतृत्व कर रहे राजद नेता कैलाश यादव को संघर्ष समिति का संयोजक बनाया गया है। उनके नेतृत्व में सभी आगामी कार्यक्रम किए जाएंगे।
संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि 6 दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों की सुरक्षित वापसी को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। प्रशासन द्वारा जल्द अच्छी खबर देने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब परिजनों का धैर्य टूट रहा है। उन्होंने कहा कि समिति प्रशासन का सहयोग भी करेगी और जरूरी सवाल भी पूछेगी।
उन्होंने रांची और राज्यवासियों से अपील की कि मानवता के नाते अंश और अंशिका की सुरक्षित वापसी के लिए दुआ करें। साथ ही कहा कि प्रशासन नागरिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है और अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने का समय लिया जाएगा। इसके बाद एक विशेष प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देगा।
समिति की रोजाना बैठक होगी और आगे की रणनीति व कार्यक्रमों की घोषणा की जाती रहेगी। संगठन का विस्तार आगे भी किया जाएगा।


