Ranchi : झारखंड के देवघर आने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब हावड़ा और रांची से देवघर पहुंचने के लिए यात्रियों को जसीडीह जंक्शन होकर नहीं जाना पड़ेगा। रेलवे द्वारा बनाए जा रहे बाईपास के पूरा होने के बाद यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।
देवघर को संताल परगना का प्रवेश द्वार माना जाता है और यहां स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के कारण हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। अब तक ज्यादातर यात्री जसीडीह स्टेशन पर उतरकर सड़क मार्ग से देवघर पहुंचते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया बदलने वाली है।
रेल बाईपास बनने से सीधे देवघर से जुड़ेगा रूट
रेलवे द्वारा जसीडीह और मधुपुर के बीच बाईपास लाइन का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस बाईपास के तैयार होने के बाद ट्रेनें देवघर स्टेशन से सीधे रोहणी, शंकरपुर और मथुरापुर होते हुए मधुपुर पहुंचेंगी।
पहले ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन जाकर इंजन बदलना पड़ता था, जिससे करीब एक घंटे का अतिरिक्त समय लगता था। बाईपास बनने से यह समय बचेगा और यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, सिस्टम होगा बेहतर
इस परियोजना के पूरा होने से जसीडीह स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और ट्रैक खाली रहेगा। इससे भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुलेगा।
रेलवे के अनुसार, इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पूरे रेल नेटवर्क की कार्यक्षमता भी बेहतर होगी।
तेजी से चल रहा निर्माण कार्य
रेलवे ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत आगे बढ़ाया है। बताया जा रहा है कि जसीडीह बाईपास का काम तेजी से चल रहा है और इसे सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही देवघर स्टेशन के आगे लिंक केबिन भी बनाया जा रहा है, जिससे ट्रेनों का संचालन और सुगम होगा।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद देवघर जाने वाले यात्रियों को समय की बचत के साथ ज्यादा सुविधा मिलेगी और यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
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