Johar Live Desk : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हेमंत सरकार पर जल जीवन मिशन में व्यापक भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि जिस तरह शराब घोटाले में फर्जी बैंक गारंटी के जरिए भ्रष्टाचार उजागर हुआ था, ठीक उसी तरह जल जीवन मिशन में भी फर्जी बैंक गारंटी और फर्जी निकासी के माध्यम से करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है।
अजय साह ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक योजना है, जिसका उद्देश्य 2024 तक झारखंड समेत पूरे देश में हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था। लेकिन झारखंड में यह योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई।
गिरिडीह जिले में बिहार की एक निर्माण कंपनी ने 1.3 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी दिखाकर लगभग 30 करोड़ रुपये का ठेका हासिल किया। इसके बाद विभाग ने बिना किसी ठोस काम के लगभग 10 करोड़ रुपये एडवांस भुगतान कर दिए। अजय साह ने इसे शासन-प्रशासन की मिलीभगत का प्रमाण बताया। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति झारखंड के अन्य जिलों में भी देखने को मिल रही है।
अजय साह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत झारखंड को निर्धारित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत धन उपलब्ध कराया, लेकिन राज्य सरकार केवल 55 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर सकी। जो काम दिखाए गए हैं, उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई जगह नलों का अस्तित्व नहीं है, कई गांवों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और कई कार्य केवल कागजी रूप में पूरे दिखाए गए हैं।
भाजपा ने आरोप लगाया कि बालू, कोयला और पत्थर के बाद अब हेमंत सरकार ने आम जनता के पीने के पानी तक को भ्रष्टाचार का शिकार बना दिया है। अजय साह ने कहा कि जल जैसे बुनियादी अधिकार के साथ यह खिलवाड़ अक्षम्य है।
भाजपा ने मांग की है कि पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत किए गए सभी कार्यों की विशेष ऑडिट कराई जाए और उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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